बाराबंकी। जिले की आधा दर्जन से अधिक ग्राम पंचायतें इस समय प्रशासकों के सहारे संचालित हो रही हैं, जिससे यहां विकास कार्यों की गति धीमी पड़ गई है। इन पंचायतों के प्रधानों के वित्तीय अधिकार वित्तीय अनियमितताओं के चलते सीज कर दिए गए हैं, जिससे विकास कार्य बाधित हैं।
जिले की खजुरिया, धामापुर, नरेंद्रपुर मदरहा, जबरीकला व सिल्हौर समेत कई ग्राम पंचायतें ऐसी हैं, जहां प्रधानों के वित्तीय अधिकार सीज किए गए हैं। अनियमितता की शिकायत मिलने पर डीएम द्वारा गठित कमेटी ने जांच की और अनियमितता की पुष्टि होने पर यह कार्रवाई की गई। जिससे इन पंचायतों में विकास कार्य उस गति से नहीं हो पा रहे हैं जिस गति से होने चाहिए।
इन पंचायतों का संचालन प्रशासकों द्वारा किया जा रहा है, और पंचायत चुनाव नजदीक होने के कारण प्रशासक भी विकास कार्य कराने में कोई खास रुचि नहीं दिखा रहे हैं। इन कार्यों के बाधित होने से स्थानीय श्रमिक कार्य पाने के लिए शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी नीतेश भोंडेले ने बताया कि जांच में अनियमितता मिलने पर डीएम द्वारा प्रधानों के वित्तीय अधिकार सीज किए गए हैं।