बाराबंकी। देवा मेले को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई है। इस बार मेला 8 अक्तूबर से शुरू होकर 17 अक्तूबर तक चलेगा। इसको लेकर बुधवार को जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में देवा मेला एवं प्रदर्शनी समिति की बैठक में विस्तृत रुपरेखा तैयार की गई।
बैठक में निर्णय लिया गया कि देवा मेला-2025 के आयोजन के दौरान प्रतिदिन धार्मिक, सांस्कृतिक और मनोरंजन से भरपूर कार्यक्रम होंगे। इनमें मुशायरा, कवि सम्मेलन, रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, खेलकूद प्रतियोगिताएं और विशेष सांस्कृतिक संध्या का आयोजन होगा। मेला क्षेत्र में सुरक्षा, यातायात, सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और मंच सज्जा जैसी सभी सुविधाओं के लिए स्थायी व अस्थायी उपसमितियों का गठन भी होगा।
जायरीनों की सुविधा के लिए मेला परिसर में जलपान, पेयजल, विश्राम स्थल, शौचालय और चिकित्सा जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएगी। मेला के आय स्रोत में पशु-बाजार के टेंडर, अस्थाई दुकानों व स्टॉलों का किराया शामिल रहेगा। व्यय में मंच सज्जा, टेंटेज, बिजली, सांस्कृतिक कार्यक्रम, कलाकारों का पारिश्रमिक, प्रचार-प्रसार, सुरक्षा और सफाई जैसी व्यवस्थाएं शामिल होंगी।
बैठक में अस्थाई दुकानदारों, कलाकारों और पशु व्यापारियों से लिए जाने वाले शुल्क में आवश्यक संशोधन का प्रस्ताव भी रखा गया। डीएम ने निर्देश दिया कि देवा मेला को पारंपरिक भव्यता और दिव्यता के साथ आयोजित किया जाए और सभी तैयारियां समय पर पूरी करा ली जाएं ताकि बाहरी जिलों से आने वाले जायरीनों को कोई असुविधा न होने पाए। बैठक के अंत मे समिति के संयुक्त सचिव रहे स्व. राजा आनंद सिंह के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए एक शोक प्रस्ताव भी पारित हुआ। इस दौरान डीएम सहित सभी उपस्थित सदस्यों ने उनके योगदान को याद करते हुए दो मिनट का मौन भी रखा गया।