देवा (बाराबंकी)। गोशालाओं में वर्मी कंपोस्ट (जैविक खाद) बनाने के मामले में देवा ब्लॉक ने जिले के 14 अन्य ब्लॉकों को पछाड़ दिया है। देवा ब्लॉक 15 हजार किग्रा वर्मी कंपोस्ट खाद का रिकार्ड उत्पादन करने वाला पहला ब्लॉक बन गया है। वर्तमान में यहां की तीन गोशालाओं में वर्मी कंपोस्ट खाद का उत्पादन किया जा रहा है। अब परिजात के नाम से इनकी ब्रांडिंग व पैकेजिंग कर बिक्री की तैयारियां की जा रही हैं।
विकासखंड देवा में कुल आठ गोशालाएं संचालित हैं, जिनमें से ग्राम सभा खेवली, उमरपुर व बबुरी गांव की गोशाला में लगाए गए वर्मी कंपोस्ट खाद बनाने के प्लांट में इस समय 15000 किग्रा जैविक खाद तैयार हो चुकी है। वहीं ग्राम सभा शाहपुर, रसूलपुर किदवई, मऊ जानीपुर व भटेहटा की गोशाला में भी वर्मी कंपोस्ट खाद तैयार होने की अंतिम प्रक्रिया में है, जबकि ग्राम सभा मेहरौड़ में जल भराव के चलते यह प्रक्रिया भी लंबित है। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने इस वर्मी कंपोस्ट खाद का नाम पारिजात प्रस्तावित किया है। इसके तहत देवा ब्लॉक से लेकर जिले की गोशालाओं में तैयार होने वाली वर्मी कंपोस्ट को पारिजात नाम से ब्रांडिंग कर समूह की महिलाओं के माध्यम से बेचा जाएगा, ताकि महिलाओं की आय में बढ़ोत्तरी हो सके। जैविक खाद को 5 किग्रा व 20 किग्रा के पैकेट में पैक किया जाएगा। इसकी कीमत 15 रुपये प्रति किग्रा निर्धारित की गई है। देवा की बीडीओ डॉ नेहा शर्मा ने बताया कि जैविक खेती को बढ़ावा दिए जाने व भूमि संरक्षण पर जोर दिए जाने के उद्देश्य से ब्लॉक क्षेत्र में वर्मी कंपोस्ट खाद का उत्पादन किया जा रहा है। रासायनिक उर्वरकों की रोकथाम के साथ मृदा की उर्वरा शक्ति भी कायम बनी रहेगी।
गोशालाओं में ऑस्ट्रेलिया के आईसीनिया फैटीडा नामक प्रजाति के केंचुओं के माध्यम से यह जैविक खाद बनाई जा रही है। जयपुर से यह विशेष प्रजाति के केंचुए मांगे गए हैं।