बाराबंकी। सूफी संत हाजी वारिस अली शाह की दरगाह पर लगने वाला ऐतिहासिक देवा मेला इस बार न सिर्फ आस्था का केंद्र बनेगा, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से भी ऐतिहासिक होगा। प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करते हुए 100 नए सीसीटीवी कैमरे लगाने के साथ ही ड्रोन की संख्या एक से पांच बढ़ा दी है। चप्पे चप्पे पर सुरक्षा के लिए करीब 2050 पुलिसकर्मी पूरे मेला क्षेत्र में तैनात किए जा रहे हैं। इस बार मेला आठ अक्तूबर से शुरू हो रहा है।
एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि इस बार एक नहीं बल्कि पांच ड्रोन लगातार मेले की निगरानी करेंगे। मेले को पांच जोन और 23 सेक्टरों में बांटा गया है। प्रत्येक जोन की जिम्मेदारी एक इंस्पेक्टर को दी गई है, जबकि सभी सेक्टरों में सब-इंस्पेक्टर की तैनाती की गई है। मुख्य सड़कों और मनोरंजन गली जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में अतिरिक्त इंस्पेक्टर तैनात रहेंगे। देवा मेला विशाल भूभाग में फैलता है, जहां हजारों दुकानों और मनोरंजन साधनों के बीच लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसलिए 250 सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं।
संभावित भीड़ को देखते हुए एटीएस (एंटी टेरर स्क्वॉड) को भी सतर्क किया गया है, हालांकि इसकी गतिविधियों का खुलासा सार्वजनिक रूप से नहीं किया गया है। महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देते हुए अलग महिला दस्ता बनाया गया है। साथ ही मेले में बिना वर्दी के पुलिसकर्मी भी भीड़ में मुस्तैद रहेंगे ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
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10 अक्तूबर को होगा अवकाश
देवा मेला 10 दिन तक चलता र्है। परंपरा रही है कि एक दिन का सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाता है। डीएम शशांक त्रिपाठी ने इस बार 10 अक्तूबर को देवा मेला का अवकाश घोषित किया है।