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देवा में निकाली गई पालकी यात्रा

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देवा में निकाली गई पालकी यात्रा में उमड़ा जनसैलाब। - फोटो : BARABANKI
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बाराबंकी। सूफी संत वारिस अली शाह की मजार से पालकी यात्रा शाही शान-ओ-शौकत के साथ बड़े ही धूमधाम से निकाली गई। निर्धारित मार्गों से होती हुई है नुमाइश ग्राउंड स्थित दादा मियां की मजार पर पहुंची जहां पर कदीमी रवायतों के बीच कुल की रस्म अदा की गई। पालकी यात्रा में सैकड़ों की संख्या में जायरीन मौजूद थे। भीड़ को देखते हुए पुलिस ने भारी सुरक्षा के इंतजाम किए थे।
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सूफी संत हाजी वारिस अली शाह के द्वारा करीब 130 वर्षों से भी अधिक पुरानी इस परंपरा की कड़ी में बृहस्पतिवार को हजरत कुर्बान अली शाह दादा मियां की दरगाह के हाजी सैय्यद उस्मान गनी शाह ने दादा मियां के कुल शरीफ की रवायती परंपरा को अकीदतमंदों के जनसैलाब के बीच पूरा किया। अपने जीवन काल में कार्तिक मेला के अवसर पर हजरत वारिस पाक पालकी पर सवार होकर अकीदतमंदों के जन सैलाब के साथ दादामियां की दरगाह पर पहुंच कर कुल शरीफ की रस्म अदा करते थे। उसी ऐतिहासिक परंपरा के अनुसार हाजी सैय्यद उसमान गनी शाह पीनस मे बैठ कर हजरत वारिस अली शाह के आस्ताने पर हाजिरी देने के बाद वारिस पाक के दीवानों की भीड़ के साथ दरगाह दादामियां पहुंचे। इस दौरान वारिस अली शाह के दीवाने अल्लाह वारिस हक वारिस के नारे बुलंद कर रहे थे।
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