जो रब है वही राम है के माध्यम से कौमी एकता का संदेश देने वाले विश्वप्रसिद्ध सूफी संत हाजी वारिस अली शाह की सरजमी में आज से देवा महोत्सव शुरू हो रहा है। यह महोत्सव भी जायरीनों के इस्तकबाल के लिए पूरी तरह से तैयार है।
रही सही कोर कसर को पूरा करने के लिए रविवार को भी कर्मचारी व मजदूर जूझते रहे। इन सब तैयारियों के बीच संत हाजी वारिस की मजार तक जाने वाले रास्ते से अतिक्रमण को नहीं हटाया जा सका है। जिससे मजार पर जाने वाले जायरीन को एक बार फिर से इस परेशानी से जूझना होगा।
सूफी संत हाजी वारिस अली शाह की याद में लगने वाले दस दिनी देवा महोत्सव का आगाज सोमवार के हो रहा है। महोत्सव के शुभारंभ की पुरानी परंपरा के तहत जिलाधिकारी अजय यादव पत्नी डॉ. अनुभा यादव शेख हसन गेट का फीता काट कर इसका शुभारंभ करेंगी। मेला का आगाज आज होने से देशी-विदेशी जायरीन भी मेला परिसर में पहुंचने लगे हैं। देवा पहुंचे अधिकारियों ने भी मेला की तैयारियों का जायजा लिया।
जायरीन की सुविधा की तैयारी पूरी
मजार ट्रस्ट कर्मचारी अहसन बाबा ने बताया कि मजार शरीफ पर दर्शन के दौरान जायरीन को कोई परेशानी नहीं हो। इस बार इस बात का तैयारी में पूरा ख्याल रखा गया है।
लोगाें को रिझा रहे नन्हे फनकार
मेला में दुकानदारों के साथ-साथ आए नन्हे कव्वाल भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हैं। बच्चों को पेश की जारही कव्वाली सुनने के लिए लोगों की भीड़ भी लग रही है।
नहीं हटा अतिक्रमण
कौमी एकता से संत वारिस अली की मजार तक जाने के रास्ते में दुकानदारों ने अतिक्रमण कर लिया है। लेकिन पुलिस व प्रशासन यह अतिक्रमण नहीं हटवा सका है। जिससे चलते मजार पर आने वाले जायरीनों को जाम की समस्या से जूझना पड़ सकता है।