बाराबंकी। डेंगू की रोकथाम में लापरवाही पर डीएम अविनाश कुमार के तेवर इन दिनों काफी तल्ख हो गए हैं। अधिकारियों को दो टूक कह दिया गया है कि अगर रोग पर नियंत्रण नहीं लगा तो कार्रवाई तय है। डीएम की सख्ती का ही नतीजा है कि बुधवार को एसडीएम से लेकर स्वास्थ्य विभाग के एसीएमओ तक गांवों की खाक छानते दिखाई दिए। कोई गांवों में कीटनाशक का छिड़काव करा रहा था तो कोई तटबंध पर रह रहे बाढ़ पीड़ितों में दवाओं का वितरण करा रहा था।
डेंगू से महिला की मौत के बाद एसडीएम फतेहपुर डॉ. सचिन वर्मा ने बुधवार को तीन वार्डों का भ्रमण किया। इस दौरान एसडीएम ने नगर पंचायत कर्मियों को प्रतिदिन साफ-सफाई व दवा छिड़काव के निर्देश दिये। वहीं स्वास्थ्य कर्मियों को सख्त निर्देश दिये कि वार्डों में कैम्प लगाकर पीड़ित मरीजों की सैंपलिंग कराई जाए। एसडीएम ने मोहल्ला पचघरा के वार्ड नं-1 व 2, ब्रम्हनी टोला के वार्डों का निरीक्षण किया। ईओ आदित्य प्रकाश को निर्देश दिये कि नियमित रूप से नालियों की सफाई कराई जाए।
सीएचसी प्रभारी को सख्ती से निर्देशित किया कि वार्डों ने कैम्प लगाकर संक्रमित लोगों जांच कराई जाए। वहीं हैदरगढ़ एसडीएम सुरेंद्र पाल विश्वकर्मा के नेतृत्व में स्वास्थ्य व विकास विभाग के अधिकारियों की टीम ने मालिनपुर व मानपुर गांव पहुंचकर दवा का छिड़काव कराया तथा सफाई का निरीक्षण कर जरूरी दिशा निर्देश दिए हैं।
इस दौरान ग्रामीणों से वार्ता करके बीमारियों के प्रति जागरूक रहने तथा लगातार बुखार रहने पर सरकारी केंद्र पर सूचना देने को कहा गया। इसके अलावा एसीएमओ डॉ. एएस गौतम ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र हेतमापुर, सूरतगंज आदि का भ्रमण किया तो डिप्टी सीएमओ डॉ. राजीव सिंह रामनगर क्षेत्र का भ्रमण करते दिखाई दिए। एसीएमओ डॉ. राजीव सिंह ने देवा तो एसीएमओ डॉ. केएनएम त्रिपाठी ने रामसनेहीघाट के कई गांवों का भ्रमण कर लोगों को रोगों के प्रति जागरूक कर बचाव के तरीके बताए।