बाराबंकी। सरकारी जमीन पर कब्जे के विरोध में नाराज स्थानीय लोगों ने सोमवार को विरोध प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंचे प्रशासनिक और नगर पालिका के अधिकारियों ने चिह्नित जमीन पर फेंसिंग करवाने के साथ ही सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंचाने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दिया। इसके बाद ही नाराज लोगों ने अपना विरोध प्रदर्शन खत्म किया।
शहर कोतवाली इलाके के निवासी बड़ेल के मदन सिंह, बृजेश कुमार, हंसराज गौतम, राम सवेक ने बताया कि इन लोगों का पुश्तैनी कब्रिस्तान गाटा संख्या 1367 पर है। यह जमीन नगर पालिका के रिकॉर्ड में ऊसर में दर्ज है। आरोप है कि नवंबर माह में सरकारी जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जे की नीयत से मिट्टी डालकर उसकी पटान कराना शुरू कर दी। इस पर स्थानीय लोगों ने विरोध जताते हुए पूरे मामले की शिकायत भी दर्ज कराई थी। कोई कार्रवाई न होने पर 10 दिसंबर को फिर आरोपी ने ऊसर में दर्ज जमीन को अपने प्लाट में मिलाने का प्रयास किया।
इसकी शिकायत के बाद 11 दिसंबर को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आर जगत साई ने राजस्व कर्मियों को भेजकर मौके पर काम रुकवा दिया था। साथ ही नायब तहसीलदार प्रियंका त्रिपाठी के नेतृत्व में टीम जांच के लिए गठित की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने सोमवार को कब्रिस्तान के पास पहुंचकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। जानकारी पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व ईओ संजय कुमार शुक्ला भारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। यहां विवादित जमीन पर नगर पालिका की ओर से नाप कराकर लोहे के तार से बैरीकेडिंग कराई गई।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने बताया कि सरकारी जमीन को सुरक्षित करा लिया गया है। नगर पालिका के अफसरों को सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश भी दिया गया है।