बाराबंकी। कस्बा सतरिख के मोहल्ला काजी स्थित एक मजार पर हर साल आयोजित होने वाले मेले को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। एक अधिवक्ता व स्थानीय लोगों ने डीएम को एक ज्ञापन सौंप कर इस आयोजन पर रोक लगाने की मांग की है।
बुधवार को वकीलों व स्थानीय लोगों द्वारा दिए गए ज्ञापन में बताया गया कि सतरिख स्थित मजार सैयद सालार साहू गाजी की है, जो महमूद गजनवी का सेनापति था। गजनवी के साथ आए सालार साहू गाजी ने सोमनाथ मंदिर पर हमला करने के साथ काफी संख्या में हिंदुओं का कत्लेआम करने के साथ उनका जबरन धर्म परिवर्तन कराया था। बाद में महाराजा सुहेलदेव पासी ने बहराइच के युद्ध में उसे पराजित कर मार गिराया था।
ज्ञापन देने वालों का कहना है कि इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश करते हुए उसे सूफी बताकर यहां मेला आयोजित किया जाता है, जो पूरी तरह गलत परंपरा है। इस तरह का आयोजन रोकने के लिए संभल जिला प्रशासन ने भी सख्त कदम उठाए हैं। अपील की कि इस आयोजन की अनुमति न दी जाए और भविष्य में ऐसे आयोजनों पर सख्ती से प्रतिबंध लगाया जाए।