सुबेहा थाने के शफीपुर गांव में खेल खेल में एक बालक के गले में फांसी लगने पर उसकी जान चली गई और परिवार में किसी भनक तक नहीं लग सकी। काफी देर बाद जानकारी होने पर परिवारीजनों ने सुबह गुपचुप ढ़ग से उसका अंतिम संस्कार कर दिया। थाना पुलिस ने घटना की जानकारी होने से इन्कार किया है।
मंगलवार की शाम को सफीपुर गांव में रामेश्वर के आठ वर्षीय पुत्र राजकरन की मौत हो गई है। चर्चा है कि मृतक अपने ही परिवार के अन्य बच्चों के साथ नाटक खेल रहा था जिसमें एक पात्र को फांसी के फंदे पर लटकाया जाता है।
मासूम बच्चा मवेशियों को बांधने वाली रस्सी से फंदा बना कर कमरे में लगे बांस में फंसा कर अनाज की बोरियों पर चढ़ गया। बोरी सरकने पर फंदा गले में कसने से उसकी मौत हो गई। इस दौरान खेल रहे अन्य बच्चों का ध्यान ही उस ओर नहीं गया। काफी समय बीतने पर परिवारीजनों को घटना की जानकारी हो सकी है।
बुधवार की भोर को मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। घटना के बाबत परिवार में कोई कुछ कहने को तैयार नहीं है। मृतक के पिता रामेश्वर ने कहा कि खेलने के दौरान चोट लगने से मौत हुई है। थाना प्रभारी निरीक्षक जेएल सोनकर ने घटना की जानकारी होने से इन्कार किया है।