बाराबंकी जिले में गुरुवार को दिन भर बारिश हुई। इस दौरान बिजली गिरने से अलग-अलग स्थानों पर किशोरी समेत तीन लोगों की मौत हो गई। एक बालिका समेत तीन व्यक्ति गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें उपचार के लिए अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। बारिश से मौसम सुहाना हो गया लेकिन मेंथा किसानों की नींद उड़ गई है। मेंथा की कटी फसल भीगने से उसकी पेराई ठप हो गई है।
जिले में कई दिन से हो रही बारिश का सिलसिला गुरुवार को भी जारी रहा। बारिश के दौरान मोहम्मदपुर खाला थाना क्षेत्र के जयसिंहपुर निवासी आलोक अपने पिता खुनखुन के साथ खेत में मेंथा की फसल की कटाई कर रहा था। सुबह साढ़े नौ बजे बिजली गिरने की वजह से दोनों इसकी चपेट में आ गए। आलोक (17) की मौके पर ही मौत हो गई। खुनखुन (48) गंभीर रूप से झुलस गया। वहीं उमरी गांव की रहने वाली शिवानी (17) बिजली की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गई। दोनों को उपचार के लिए सीएचसी सूरतगंज में भर्ती कराया गया है।
रामनगर थाना क्षेत्र के बुढ़गौरा गांव निवासी भुलई गौतम (48) व अन्य लोग गुरुवार को खेत में मेंथा की फसल की कटाई कर रहे थे। इस दौरान गिरी बिजली की चपेट में आने से मौके पर ही उसकी मौत हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। इसके साथ महमूदपुर गांव निवासी सुरेंद्र (38) भी खेत में मेंथा की फसल उठने गया था। बिजली गिरने से उसकी चपेट में आकर सुरेंद्र झुलस गया। परिवार के लोग आनन-फानन में उसे सीएचसी रामनगर ले गए जहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। नायब तहसीलदार आकाश संत ने एक मृतक के परिवारीजनों को चार लाख की आर्थिक सहायता दी है। अन्य हादसों की जांच के लिए राजस्व अधिकारियों को मौके पर भेजा गया है। उसके बाद पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता दी जाएगी।
सुबेहा क्षेत्र के अमान का पुरवा मजरे रुकुनुद्दीन निवासी शिवकुमार की पुत्री लक्ष्मी (17) परिवारीजनों के साथ गुरुवार दोपहर खेत में काम कर रही थी। शिवकुमार ने बताया कि तेज बारिश होने के चलते सभी लोग घर लौट रहे थे। उसी दौरान बिजली गिर पड़ी। उसकी चपेट में आने से लक्ष्मी की मौके पर मौत हो गई थी। थाना प्रभारी गंगेश शुक्ला ने हादसे की जानकारी से इंकार किया है। एसडीएम योगेंद्र कुमार ने बताया जांच के लिए लेखपाल को गांव में भेजा गया है।