बाराबंकी। सिद्धौर सीएचसी पर प्रसव के कुछ घंटे बाद एक महिला की मौत हो गई। परिवारीजनों ने डॉक्टर व एएनएम पर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए सीएचसी पर हंगामा किया। सुबह भाकियू नेता भी पहुंच गए और कार्रवाई की मांग को लेकर धरना दिया। सूचना पर सीएचसी पर पहुंचे एसीएमओ ने आरोपी डॉक्टर और एएनएम के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन देकर हंगामा शांत कराया।
कलापुर निवासी हसीब अपनी पुत्री नसरीन बानो (21) पत्नी मोहम्मद सालिम को प्रसव पीड़ा होने पर गुरुवार देर रात उपचार के लिए सीएचसी ले गए। परिवारीजनों का कहना कि डॉक्टर युसूफ खान ने नसरीन को देखा। कहा कि गर्भवती में खून की कमी है। उन्होंने जिला महिला अस्पताल ले जाने की बात कही। परिवारीजनों के अनुरोध पर उसे भर्ती कर लिया गया। आरोप है कि सीएचसी में मौजूद एएनएम ने प्रसव कराया। इसके बाद डॉक्टर और एएनएम अस्पताल से चले गए। शुक्रवार तड़के करीब चार बजे प्रसूता की हालत बिगड़ने लगी। परिवारीजन चिकित्सक को बुलाने के लिए उनके आवास पर पहुंचे। डॉक्टर और एएनएम कोई भी प्रसूता को देखने नहीं पहुंचा। परिवारीजन वाहन का इंतजाम कर नसरीन को जिला महिला अस्पताल लेकर जाते तब तक उसकी मौत हो गई।
परिवारीजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। शुक्रवार सुबह जानकारी होने पर भाकियू नेता रामबरन वर्मा अन्य अन्य लोग सीएचसी पहुंच गए और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर धरना देने लगे। इसकी सूचना मिलते ही अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एससी धूसिया सीएचसी पहुंचे। उन्होंने एएनएम तथा ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक पर कार्रवाई करने का आश्वासन देकर हंगामा शांत कराया।
अधीक्षक सीएचसी डॉ. हरप्रीत सिंह का कहना है कि डॉ. यूसुफ खान ने महिला को देख खून की कमी होने के चलते उसे जिला महिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया था। गुरुवार देर शाम परिवारीजन महिला को लेकर फिर आए तो उसकी हालत बहुत खराब थी। चिकित्सकों ने किसी तरह प्रसव कराया लेकिन खून की कमी की वजह से प्रसूता को बचा नहीं सके। इलाज में लापरवाही नहीं बरती गई है।