बाराबंकी। जिला सहकारी बैंक के चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। 27 सितंबर से शुरू होने वाली चुनाव प्रक्रिया में सबसे पहले बैंक के संचालक सदस्यों का चुनाव संपन्न होगा। इसके बाद 10 अक्तूबर को अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पद पर चुनाव संपन्न होगा। इसके लिए एकतरफ जहां सत्ता पक्ष के संभावित उम्मीदवार अपने डेलीगेट बनाने में जुट गए हैं, वहीं दूसरी ओर पूर्व में निष्कासित किए गए संचालक सदस्य सहकारी न्यायाधिकरण में अपील कर चुनाव प्रक्रिया को रुकवाने के प्रयास में लगे हुए हैं।
जिला सहकारी बैंक में अनियमित लेनदेन का मामला सामने आने पर तत्कालीन अध्यक्ष सिद्धांत पटेल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद उपाध्यक्ष गुरुशरण लोधी को शासन सत्ता के सहयोग से प्रभारी अध्यक्ष बना दिया गया था। इसके कुछ माह बाद सिद्धांत पटेल ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया और संचालक सदस्यों के सहयोग से पिछले माह अगस्त में अविश्वास प्रस्ताव लाने का प्रयास किया था। इस पर उपायुक्त एवं उपनिबंधक सहकारिता अयोध्या मंडल ने 13 में से 12 संचालक सदस्यों को निष्कासित कर दिया था। उपनिबंधक सहकारिता लोकेश त्रिपाठी ने बताया कि चुनाव का कार्यक्रम जारी कर दिया गया है, इसमें करीब 500 डेलीगेट डाइरेक्टर चुनेंगे। 10 अक्तूबर को चयनित डाइरेक्टर अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का चुनाव करेंगे। (संवाद)