सूरतगंज/कोटवाधाम (बाराबंकी)। नेपाल से पानी छोड़े जाने के बाद बीते दो दिन से उफनाई सरयू नदी तराई में विनाशलीला रच रही है। बबुरी व केदारीपुर का नामोनिशान मिटाने के बाद सरयू नदी अब बेलहरी गांव को लील रही है। जबकि बाबापुरवा गांव कटान के निशाने पर है। रामनगर व सिरौलीगौसपुर के 40 गांवों में जल प्लावन के हालात हैं। आधा दर्जन गांव टापू बन गए हैं। जान बचाने की जद्दोजहद के बीच लोगों ने बांध पर व स्कूलों में शरण ली है। प्रशासन लोगों को खाना बंटवा रहा है।
रामनगर तहसील क्षेत्र का केदारीपुर गांव शनिवार को नदी के आगोश में समा गया। अब नदी बगल के बेलहरी गांव को भी आगोश में ले चुकी है। गांव खाली पड़ा है। करीब डेढ़ दर्जन मकान नदी में बह चुके हैं। कटान इतनी तेजी से हो रहा है कि बेलहरी का प्राथमिक विद्यालय भी नदी में कट गया है। जल्द ही पूरे गांव के नदी में समाने का आशंका है। वहीं, हेतमापुर से केदारीपुर, बेलहरी, बाबा का पुरवा व कंचनापुर समेत कई गांवों को जाने वाली सड़कें पानी में डूबने से आवागमन बंद हो गया है।
हेतमापुर गांव के पास कटान तो नहीं हो रहा है, लेकिन दूरभाष केंद्र का भवन मुहाने पर आ गया है। नदी के आसपास बसे जमका, परशुरामपुर व खुज्झी समेत पांच गांवों से संपर्क टूट गया है। रामनगर के ही बतनेरा, ललपुरवा, कोड़री, सुरसंडा, सुंदरनगर, मदरहा, कोईली का पुरवा, पेशकारपुरवा समेत करीब 15 गांव पानी से घिरे हैं। वहीं, सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र में अलीनगर रानीमऊ तटबंध से तेलवारी, गोबरहा व सरायसुर्जन गांवों को जाने वाले मार्ग पर पानी बह रहा है।
जबकि इन तीन गांवों के साथ भैरवकोल, टेपरा, बघौलीपुरवा, कहरानपूरवा, माझा, रायपुर, परसवाल, नव्वनपुरवा आदि गांव में बाढ़ का पानी घुस गया है। सनावा कोठीडीहा, सिरौलीगुंग, बबुरी, मनीरामपूरवा भयकपुरवा, घुटरू, परसा आदि के लोग सहम गए हैं। प्राथमिक विद्यालय तेलवारी व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोबरहा जलमग्न हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों ने किया दौरा
तराई में बिगड़ते हालातों के बीच एडीएम अरुण कुमार सिंह ने एसडीएम रामनगर पवन कुमार के साथ ट्रैक्टर पर सवार होकर केदारीपुर, बेलहरी व बाबा पुरवा गांव के पास का जायजा लिया। नदी की तेज बहाव व कटान देख अधिकारियों ने राजस्वकर्मियों को लगातार अलर्ट पर रहने को कहा। रामनगर तहसील प्रशासन ने 2,400 लंच पैकेट पीड़ितों में बंटवाए। वहीं, एसडीएम सिरौलीगौसपुर प्रीति सिंह ने सनावा, तेलवारी व करौनी गांव का जायजा लिया और तटबंध पर 13 ग्रामीणों को तिरपाल व पिपिया का वितरण कराया।
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नाव न होने से पानी से गुजर रहे बच्चे
सिरौलीगौसुपर तहसील के 15 गांवों को बाढ़ का खतरा बना हुआ है। लेकिन यहां के लोगाें को 24 घंटे बाद भी कोई सहायता नसीब नहीं हुई। बघौलीपुरवा ग्रामीणों का आरोप है कि नाव न होने से बच्चे महिलाएं व पुरुष पानी से गुजरते हुए पलायन को मजबूर हैं।