काफी जद्दोजहद के बाद जिले में 91.37 प्रतिशत ऋण माफी वाले किसानों का डाटा ही संकट मोचन पोर्टल पर फीड हो सका है। बैंक ऑफ इंडिया की नाकामी के चलते 12554 किसानों का डाटा समय के अंदर नहीं फीड किया गया। प्रशासन को अब छूूटे किसानों के भौतिक सत्यापन किए जाने के आदेश का इंतजार है। डाटा फीडिंग मामले में यह जिला प्रदेश भर में 73वें स्थान आया गया है। ऋण माफी वाले किसानों का डाटा फीड किए जाने को लेकर शुरू किया गया संकट मोचन पोर्टल बुधवार की सुबह सात बजे बंद हो गया।
एक पखवारे से शासन के निर्देश पर 27 बैंकों द्वारा अपने-अपने ऋणमाफी वाले किसानों का डाटा संकट मोचन पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा था, जिसमें कुल 145444 किसानों का डाटा फीड किया जाना था। तिथि बढ़ने के बाद 26 जुलाई की सुबह सात बजे तक 91.37 प्रतिशत डाटा ही बैंक कर्मचारियों द्वारा अपलोड किया जा सका।
इस मामले में बैंक ऑफ इंडिया लगातार फिसड्डी साबित होता दिखा। बुधवार की सुबह पोर्टल बंद होने के बाद 12554 किसानों का डाटा नहीं फीड हुआ, जिसमें सबसे ज्यादा डाटा बैंक ऑफ इंडिया का शामिल है। अब छूटे हुए किसानों को लाभ दिए जाने के लिए उनका भौतिक सत्यापन किए जाने की तैयारी की जा रही है। इंतजार हैं तो बस शासन के आदेश की। आदेश आने के बाद किसानों का सत्यापन कराने की बात अधिकारी कह रहे हैं।
बाक्स
इन बैंकों के छूटे किसान
बैंक किसान
बीओआई- 12444
डीसीबी- 90
पीएनबी- 16
केनरा- 03
एसबीआई- 01