बाराबंकी। गर्मी के बीच बेपटरी हुई बिजली व्यवस्था से लोग बेहाल हैं। बढ़ी मांग के कारण सप्लाई लाइन व ट्रांसफार्मर ओवरलोड होने के कारण कई जगह फीडर व जंपर उड़ने व ट्रांसफार्मर जलने से लोगों का जीना मुहाल रहा।
बीते एक सप्ताह से पटरी से उतरी बिजली सप्लाई व्यवस्था के कारण शहरी व ग्रामीण दोनों ही इलाकों में तो चार से पांच घंटा अघोषित कटौती जारी है। हैदरगढ़ के उपकेंद्र में पांच एमवीए का ट्रांसफार्मर 15 दिन से जला पड़ा है। मगर अधिकारियों ने इसे छिपाए रखा। यहां लगे बाकी दो टांसफार्मर से जुगाड़ के बल पर आपूर्ति की जा रही है। इससे 150 गांव क्षेत्रों में बिजली बार बार गुल हाेने की परेशानी उठाना पड़ रही है।
उधर, सिरौलीगौसपुर के मरकामऊ में बने 132 केवीए के नए बिजली घर से पिछले शनिवार को विद्युत उपकेंद्र सिरौली गौसपुर की लाइन चालू की गई थी। एक सप्ताह ठीक-ठाक चलने के बाद आपूर्ति फिर पुराने ढर्रे पर आ गई है। इससे करीब दो सौ गांव के लोग अघोषित कटौती से बेहाल हैं। अवर अभियंता शशि कटिहार ने बताया कि अत्यधिक गर्मी व लोड से दिक्कतें आ रही हैं। विद्युत वितरण केंद्र रामनगर के डूडी फीडर की हाईटेंशन लाइन पर शनिवार की रात करीब 10 बजे लाइन पर पेड़ गिर गया। इससे खजुरिया, अमरा देवी, शाहगढ़, दरिगापुर, शेर अली का पुरवा, भवानीपुर, गोपीपुर, बाहुपुर, कंधईपुर, ददरौली सहित करीब 15 गांवो की बिजली 16 घंटे बाधित रही। इस दौरान करीब 18 हजार की आबादी को पानी का संकट भी झेलना पड़ा। मसौली क्षेत्र में भी देरशाम मस्तान नगर के पास बिजली लाइन पर पेड़ की डाल गिरने से बड़ागांव और मसौली कस्बा की बिजली सप्लाई भी रातभर ठप रही। वहीं निंदूरा क्षेत्र के पिंडसावा, बाबागंज, बाजगहनी, टिकरा, गढ़िया, जमुना, धौरहरा समेत कई गांवों की बिजली आपूर्ति बीती रात छह घंटे बाधित रही।