बाराबंकी। तमाम दावे के बाद भी जिला अस्पताल में मरीजों को इलाज की पर्याप्त सुविधा नहीं मिल पा रही है। मौसमी बदलाव के कारण ओपीडी में जुट रही मरीजों की भीड़ के कारण सभी इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। शुक्रवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में जुटी भीड़ को संभालने के लिए ऑन लाइन के साथ ही हाथ तक से परचा बनवाने पड़े। इसके बावजूद बड़ी संख्या में मरीजों को बिना इलाज के ही लौटने को विवश होना पड़ा।
मरीजों की बढ़ती भीड़ के कारण जिला अस्पताल के साथ ही सीएचसी में भी मरीजों को परेशानी उठाना पड़ रही है। ऐसे में चिकित्सक निर्देश के बाद भी मरीजों को बिना खौफ बाहर की महंगी दवा तक लिख रहे हैं। इस कारण दर्द की दवा लेने अस्पताल पहुंच रहे मरीजाें का दर्द और बढ़ रहा है।
जिला अस्पताल की ओपीडी में शुक्रवार को 2,332 मरीज देखे गए। सुबह से ही मरीजों की भीड़ इतनी ज्यादा रही कि ओपीडी का परचा बनवाने के लिए परिसर में खड़े होना तक मुश्किल हो गया। इलाज के लिए पहुंचे रामसरन को करीब डेढ़ घंटे तक बैठकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा वहीं गीता देवी को परचा बनवाने के बाद भी डॉक्टर कक्ष के बाहर अपनी बारी आने के लिए एक घंटे तक खड़ा रहना पड़ा। बुखार से पीड़ित रामबरन का परचा दो घंटे तक लाइन में लगने के बाद बन सका। इसके बाद डॉक्टर को दिखाने में एक घंटा व दवा पाने के लिए करीब सवा घंटे तक लाइन में लगने की परेशानी उठाना पड़ी।
इस दौरान बुखार के सबसे ज्यादा 529, पेटदर्द के 427, त्वचारोग के 413, बदनदर्द के 469, नेत्ररोग के 322, सर्जरी के 210 मरीज देखे गए। अस्पताल में भीड़ के कारण इलाज मिलने में घंटों लगने के कारण कई परेशान मरीजों को हताश होकर बिना इलाज व जांच कराए ही वापस लौटना पड़ा। रामपाल, गिरधारी लाल, देवता दीन, मनीषा ने बताया कि दवाई लेने के लिए सुबह 10 बजे आ गए थे, लेकिन भीड़ इतनी ज्यादा रही कि परचा तक नहीं बन सका। वहीं शर्मा देवी, केतकी, कौशलेंद्र ने बताया कि डॉक्टर ने जांच लिखी लेकिन जब वह जांच कराने शनिवार को आना पड़ेगा। सीएमएस जॉ. वीपी सिंह ने बताया कि मौसम में आए बदलाव के कारण मरीजों की संख्या बढ़ने से कुछ परेशानियां हो रही हैं। मरीजों को कोई असुविधा न हो इसके लिए सभी को निर्देशित किया गया है।
ओपीडी में लिख रहे बाहर की महंगी दवाएं
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कोटवासडक। रोक के बाद भी सीएचसी रामसनेहीघाट में डॉक्टर मरीजों को बाहर की महंगी दवाएं व जांच लिख रहे हैं। इलाज के लिए पहुंचे भेंदुवा के विकास कुमार ने बताया कि ओपीडी में न केवल बाहर की दवा का परचा लिखा गया वरन जांच भी बाहर से कराने के लिए कहा गया। मनमोहन अपनी बहन शीलू की दवा लेने आए थे। डॉक्टर ने करीब 700 रुपये की दवाएं बाहर से लिखी और 500 रुपये की जांच भी बाहर से ही कराने के लिए कहा गया। हालांकि सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमरेश वर्मा का दावा है कि अस्पताल में सभी जरूरी दवाएं और जांच की सुविधा उपलब्ध है।
उधर, सिरौलीगौसपुर के संयुक्त चिकित्सालय की ओपीडी में भी शुक्रवार को करीब 700 मरीज देखे गए। इनमें 298 पुराने मरीज रहे। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. इकबाल अहमद ने बताया कि मौसम के बदलाव से वायरल फीवर के मरीज बढ़े हैं।