दिल्ली से घर लौट रहा युवक मंगलवार की रात लखनऊ के बाद रोडवेज बस में ही जहर खुरानी का शिकार हो गया। शातिर युवक का सामान लेकर रास्ते में ही उतर गए। बस में युवक को अचेत देख चालक व परिचालक रात में ही पुलिस या एंबुलेंस को सूचना दिए बिना ही हाईवे पर सड़क किनारे उसे उतार कर भाग निकले।
स्थानीय लोगों ने युवक को अचेत देखा तो उसके जेब में मिली पर्ची पर लिखे मोबाइल नंबर से परिवारीजनों को सूचना दी। मौके पर पहुंचे परिवारीजनों ने युवक को अचेत अवस्था में सीएचसी त्रिवेदीगंज में भर्ती कराया।
लोनीकटरा के जवाहरगंज गांव निवासी विपिन वर्मा पुत्र गौरीशंकर गांव के ही अपने साथी मनोज कुमार के साथ आठ दिन पहले दिल्ली नौकरी की तलाश में गया था। कई निजी कंपनियों में साक्षात्कार के बाद सफलता नहीं मिलने पर वह मंगलवार को घर वापस लौट रहा था। लखनऊ पहुंचने पर उसने परिवारीजनों से बात कर लखनऊ में होने की सूचना दी।
इसके बाद वह सुल्तानपुर जाने वाली रोडवेज बस में सवार हो गया। रास्ते में किसी ने उसे नशीला पदार्थ खिलाकर अचेत कर दिया। पीड़ित के पिता गौरी शंकर ने बताया कि रात में हैदरगढ़ कस्बा के लोगों ने फोन कर विपिन के रोड किनारे अचेत होने की सूचना दी। जिस पर उसे सीएचसी त्रिवेदीगंज में भर्ती कराया गया है। दोपहर करीब 12 बजे उपचार के दौरान विपिन वर्मा को होश आया।
उसने बताया कि बस में वह जिस सीट पर बैठा था उसी सीट पर एक और यात्री बैठा था। उसने बुकनू के लाभ को बताते हुए एक समोसे पर उसे छिड़ककर खिलाया था। जिसके बाद उसे कुछ भी होश नहीं रहा। पीड़ित ने बताया कि बैग में दो हजार रुपये, शैक्षिक अंक व प्रमाण पत्र और कपड़े थे।
रोडवेज बस में किसी के साथ जहर खुरानी की कोई सूचना नहीं है। सूचना मिलने पर मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। -जेएल सोनकर, कोतवाल, हैदरगढ़।