सऊदी के कतर में वाहन चलाने गए एक व्यक्ति को मालिक द्वारा चाकू मारकर लहूलुहान करने के बाद बिना इलाज कराए हवाई जहाज से वापस घर भेज दिया गया। परिवारीजनों ने घायल युवक को इलाज के लिए आकाक्षा नर्सिंग होम मे भर्ती कराया।
फैजाबाद के तरवेदपुरवा मजरे जरायलकलां निवासी चन्दे पुत्र मोतीलाल 30 वर्षीय ने बताया कि उसने अपना खेत बेचकर दिसंबर 2014 मे पूरे सालार निवासी निजाम को 90 हजार रुपये देकर कतर में गाड़ी चलाने का वीजा बनवाया था। 7 जनवरी 2015 को वह कतर शहर मे वाहन चलाने के लिए पहुंचा।
वहां मालिक ने वाहन चलवाने के बजाय ऊंट चराने का काम दे दिया। पीड़ित ने बताया कि दिन भर ऊटं चराने के बाद शाम को रूखा सूखा खाना दे देता था और ऊटं चराने के विरोध करने पर मालिक सईद आलम व सिराज पिटाई भी करते थे।
लगातार कई महीनों से प्रताडना झेल रहा चन्दे ने मंगलवार को वहां से भागने का प्रयास किया तो तीन लोग उसे पकड़कर मारने पीटने लगे तथा पेट में चाकू घोंप दिया। सूचना पर अरब की पुलिस भी मौके पर आई और मालिकों से बातचीत करके उसे भारत आने वाले हवाई जहाज का टिकट देकर लखनऊ भेज दिया।
बुधवार की सुबह वह लखनऊ से रोडवेज द्वारा जरायलकलां पहुंचकर परिजनों को अपनी आप बीती सुनाई तो परिजन चन्दे को इलाज के लिए भिटरिया स्थित आकांक्षा नर्सिंग होम लाए।
जहां पर चिकित्सकों ने पेट मे धारदार हथियार मारे जाने की पुष्टि करते हुए इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को भेजकर युवक का प्राथमिक उपचार किया। कोतवाली प्रभारी जेएल सोनकर ने बताया कि पीड़ित का इलाज कराने के लिए ट्रॉमा सेंटर लखनऊ भेजवाया गया है।