ओमान में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले कबूतरबाज खुद तो अंगूठा छाप हैं, मगर नवयुवकों को हजारों कमाने का सपना बेचते थे। पुलिस की मानें तो आरोपी कम पढ़े लिखे मुस्लिम समुदाय के युवकों को ही निशाना बनाते। कबूतरबाजों ने बेरोजगारों को अपने जाल में फंसाने के लिए एक पंपप्लेट छपवा रखा था। पर्चे क्षेत्र के बड़ागांव, मसौली, नैनामऊ, आलापुर, टिकरा, बांसा, शहावपुर, जैदपुर समेत मुस्लिम बाहुल्य इलाके में चिपका कर अपना प्रचार-प्रसार करते थे। पर्चा देखकर ही लोग अजीज से फोन पर संपर्क करते। अजीज लोगों से कहता था कि वह अपना पासपोर्ट खुद बनवाकर लेकर आएं।
बीजा दिलवाने के साथ विदेश भेजने के सारे प्रबंध मैं कर देगा। दोनों ने अपना एक आलीशान मकान में रहते, मगर आफिस या फिर मिलने का कोई ठिकाना नहीं बनाया। वह सिर्फ सेलफोन पर ही उपलब्ध रहते और फोन करने वाले से जाकर मिलते थे। जालसाजों ने मासूम लोगों को अपनी मीठी बातों में फंसाकर दिल्ली बुलाकर मेडिकल परीक्षण कराता और सरकारी आफिसों में अपनी ठसक दिखा वापस भेज देता था। आरोपी अब्दुल अजीज अनपढ़ है।
वह बहुत मुश्किल से उर्दू में दस्तखत कर पाता है। मसौली थाना क्षेत्र के सुरसंडा गांव का रहने वाला अब्दुल अजीज अपने भतीजे व अन्य रिश्तेदारों के साथ मिलकर ठगी करने का इतना बड़ा गोरखधंधा चला रहा था। बीते एक साल में ही अजीज ने सात सौ लोगों से करोड़ों रुपये वसूल लिए। वह युवाओं से मेडिकल और वीजा बनवाने के नाम पर पैसा लेता था।
दिल्ली के महारानी बाग ले जाता था मेडिकल परीक्षण को
जालसाज अजीज ठगी करने वाले युवाओं को बाराबंकी से अपने साथ दिल्ली के महरानीबाग स्थित बाग माता मंदिर पार्क में ले जाता था। फिर यहां पर कोठी नंबर 969 में युवाओं का मेडिकल करवाया जाता था। वहां पर फर्जी नाटक कराने के बाद कुछ लोगों को रिजेक्ट भी करा देता था और फिर उनसे दोबारा पैसे वसूलकर डॉक्टरी परीक्षण करवाता था।
फिरोजाबाद में बनाया गेम प्लान
सुरसंडा निवासी अब्दुल अजीज आठ वर्ष पूर्व गांव छोड़कर फिरोजाबाद चला गया था। फिरोजाबाद में अजीज अपने परिवार के साथ रहकर एक चाय की दुकान खोलकर जीवन यापन कर रहा था। पुलिस के अनुसार, अजीज की मुलाकात फिरोजाबाद में दिल्ली निवासी मोहम्मद वसीम व मुंबई निवासी हाजी सिराज से हुई। इसके बाद अजीज ने इन दोनों के साथ मिलकर लोगों को ठगने का प्लान बनाया और ओमान में नौकरी दिलाने का झांसा देकर इस काम को करना शुरू कर दिया।
आरोपी युवाओं से विदेश भेजने के नाम पर डॉक्टरी व वीजा बनवाने की बात कहकर हजारों रुपयेे वसूलता था। अजीज करीब एक साल पहले अपने गांव आया और फिर यहां से अपने परिवार व रिश्तेदारी के कुछ लोगों को कारोबार शामिल कर लिया। तभी से क्षेत्र के बड़ागांव, मसौली, नैनामऊ, आलापुर, टिकरा, जैदपुर सहित जिले के दर्जनों गांवों व आसपास के जिले गोंडा, बहराइच, लखनऊ, सीतापुर के भी कई युवाओं को अपने झांसे में लेकर उनसे ठगी की।
कागजात नहीं हो सके बरामद
दोनों जालसाजों के पास पुलिस ने 439 पासपोर्ट व विदेश भेजने के नाम पर फर्जी तरीके से बनाए गए अन्य कागजात बरामद किए हैं। इनके पास अभी अन्य कई कागजात है जो पुलिस बरामद नहीं कर सकी है। अब पूछताछ के बाद ही अन्य कागजात व बातें पुलिस को पता लग सकेगी। विदेश जाने के नाम पर करीब सात सौ से भी अधिक लोग ठगी का शिकार हो चुके हैं। आरोपियों के पकड़े जाने के बाद मसौली थाने मेें मौजूद पीड़ित सफी निवासी आलापुर, नौशाद, मोहम्मद इरफान, रामनगर, इश्तियाक, गुड्डू, पीर मोहम्मद, अकील, कयूम खान, फरीद, नूर मोहम्मद निवासी जहांगीराबाद, वाजिद अली, निजामुद्दीन, कफील, अब्दुल रहमान आदि ने बताया कि उनसे जालसाजों ने बीस से 25 हजार रुपये की ठगी की है और फिर संपर्क करना बंद कर दिया। युवकों ने इन सभी ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मेडिकल व बीजा बनवाने के नाम पर लेते थे रुपया
दोनों जालसाजों ने पूछताछ में बताया है कि वह विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर जिनको ठगते थे उनका मेडिकल कराने के नाम पर भी 15 से 20 हजार व बीजा दिलाने के नाम पर 40 से 50 हजार रुपये लेते थे। इसके बाद भी कई अन्य तरह की बातेें बताकर लोगों से रुपये ऐंठने का काम किया जाता था।