दिन में कई घरों में तोड़फोड़ की गई। आगजनी भी हुई। शनिवार शाम तक रुक-रुक कर हिंसक घटनाएं होती रहीं। हमलावर भीड़ को खदेड़ने के लिए पुलिस ने हवाई फायरिंग की। हिंसक झड़पों में करीब 50 लोग घायल हुए हैं। गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति को ट्रॉमा सेंटर, लखनऊ रेफर किया गया है।
अफवाहों के चलते आसपास के 40 से अधिक गांवों में तनाव के हालात हैं। डीएम व एसपी कस्बे में कैंप कर रहे थे। नौ थानों की पुलिस के साथ बड़ी संख्या में पीएसी तैनात की गई है। लापरवाही के आरोप में चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया गया है।
एसपी ने बताया कि दोनों पक्षों के 38 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जा रही है। कस्बे के हालात शुक्रवार को उस वक्त बिगड़ना शुरू हुए जब एक स्थानीय निवासी की कस्बे के ही एक समुदाय के युवकों ने पिटाई कर दी।
घटना की जानकारी होने पर रात में ही दो पक्षों के बीच झगड़ा शुरू हुआ। उस समय पुलिस ने झगड़ा शांत करा दिया लेकिन शनिवार सुबह बाइक से जा रहे रायबरेली निवासी एक दंपती की सिद्धौर कस्बे में एक समुदाय के लोगों ने पिटाई कर दी।
पीड़ित दंपती ने अरूई गांव पहुंच अपने साथ मारपीट की जानकारी ग्रामीणों को दी। इस पर भड़के एक पक्ष के लोगों ने गांव के दूसरे पक्ष के व्यवसायी की किराना दुकान, चाय के होटल में जमकर तोड़फोड़ कर दी। नाराज दूसरे पक्ष के लोगों ने एक साइकिल की दुकान में तोड़फोड़ की।
इस बीच सिद्धौर में भी दोनों पक्षों ने दुकानों में तोड़फोड़ व आगजनी की। हिंसक भीड़ ने कई घरों में घुसकर मारपीट की और सामान बाहर फेंक दिया। दूध बेेंचने जा रहे एक व्यक्ति को रोककर बुरी तरह पिटा।
हालात बिगड़ने के बावजूद क्षेत्र में एसओ व अन्य अधिकारी भीड़ नियंत्रित करने को आगे नहीं बढ़े। उन्होंने पुलिस कर्मियों को आगे किया। घरों में हमला कर रही भीड़ को खदेड़ने पहुंचे सिपाही रामदुलारे यादव व सैय्यद आले हमजा खुद ही निशाना बन गए।
भीड़ ने दोनों सिपाहियों को दौड़ा दौड़ा कर पीटा। इसके बाद अफसरों को हालात की गंभीरता समझ में आई और कई थानों की फोर्स बुलाई गई। शनिवार शाम तक रुक-रुक कर मारपीट व पत्थर फेंकने की घटनाएं होती रहीं। देर शाम एक एक समुदाय के 40-50 लोग विरोधियों के खिलाफ सड़क पर आ गए। पुलिस पहुंची तो पथराव कर दिया।
उन्हें खदेड़ने के लिए पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी। कस्बे में शुक्रवार रात से शनिवार शाम तक हुई घटनाओं में करीब 50 लोग घायल हुए हैं। दूधिये की हालत गंभीर होने पर उसे ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है।
कस्बे के तनाव का असर आसपास के करीब 40 गावों में देखा गया। इस मामले में चौकी प्रभारी हरिशंकर प्रजापति को एसपी ने लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया है।