घर से खेत के लिए गए दो सगे भाई सहित तीन की तालाब में डूबने से मौत हो गई जबकि एक भाई को किसी तरह बचा लिया गया। घटना की सूचना पर पूरे गांव में मातम फैल गया। पहुंची पुलिस घटना की जांच कर रही है। हैदरगढ़ कोतवाली क्षेत्र में सोमवार को घरकुंइया गांव के दो सगे भाई जितेंद्र (19) व नरेंद्र (12) पुत्र इंद्रजीत रावत अपने पड़ोसी विवेक (10) व दिनेश (12) पुत्र रामगुलाम के साथ खेत गए थे।
ग्रामीणों ने बताया कि यहां पर नरेंद्र व विवेक अपने भाई दिनेश (12) के साथ तालाब में नहाने के दौरान डूबने लगे। इस दौरान जितेंद्र अपने भाई व साथी को बचाने के लिए कूद गया। पास के खेत में काम कर रही एक महिला ने अपनी धोती का पल्लू तालाब में फेंका जिसे पकड़कर दिनेश तो किसी तरह बाहर आ गया जबकि अन्य तीनों की डूबने से मौत हो गई। घटना की सूचना पर गांव में मातम पसर गया और चीख पुकार के बीच तालाब पर पहुंचकर ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद तीनों के शव को बाहर निकाला। घटना की जानकारी पर विधायक बैजनाथ रावत, पंकज दीक्षित, प्रधान माताबदल रावत सहित भारी संख्या में लोगों ने पहुंचकर मृतको के परिवारीजनों को सांत्वना दी। कोतवाल परशुराम ओझा का कहना है कि जांच की जा रही है।
दिल्ली में रहकर नौकरी करता था जितेंद्र
जितेंद्र दिल्ली में नौकरी कर परिवार का सहयोग करने के साथ छोटे भाई को गांव के निकट निजी स्कूल में पढ़ा रहा था। दिल्ली से दस दिन पहले घर आए जितेंद्र ने सोमवार को वापसी का टिकट लिया था, लेकिन भाई की जिद्द के चलते उसके साथ खेत चला गया और दोनों की जीवनलीला ही खत्म हो गई। गांव के प्राथमिक विद्यालय से लौटे विवेक इनके साथ खेत पर गया था। मौत से इनकी मां विद्यावती व सरोजकुमारी दहाड़े मारकर रो रही थी।