जिले के माननीयों को कोठी थाने में थानेदार और दरोगा द्वारा जिंदा जलाई गई महिला की चीख सुनाई नहीं दे रही है। दिल दहला देनी वाली वारदात के पांच दिन बाद भी जिले के किसी भी विधायक ने पीड़ित परिवार का हालचाल लेना मुनासिब नहीं समझा। उस पांच साल की मासूम बच्ची के सिर पर सांत्वना भरे हाथ रखने की कोशिश भी नहीं की, जो पथराई आंखों से अपनी मां का इंतजार कर रही है। महिला के बच्चों की चीखें और उसके पति की सिसकियां एवं जनाक्रोश भी जनप्रतिनिधियों के कानों तक नहीं पहुंच रही हैं। लेकिन ऐसा कब तक... आज नहीं तो कल उन्हें जवाब देना ही होगा।
क्षेत्रीय विधायक पर गंभीर आरोप
इस मामले में सबसे ज्यादा संवेनहीनता का आरोप क्षेत्रीय विधायक पर लगा है। सूत्रों का कहना है कि जब थाने में एसओ और दरोगा द्वारा जिंदा जलाने के बाद महिला चीखती हुई सड़क की तरफ भागी। तब वह एक गाड़ी के सामने गिरकर तड़पने लगी। बताया जा रहा उस गाड़ी में माननीय विधायक सवार थे, लेकिन उन्होंने महिला को बचाने का कोई प्रयास नहीं किया। ड्राइवर से गाड़ी बैक कराई और साइड से होकर निकल गए।
पीड़ित परिवार के साथ हमारी पूरी संवेदना है। घटना की निष्पक्ष जांच हो रही है। जो दोषी होगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
सुरेश यादव, विधायक सदर
महिला ने खुद ही आग लगाई थी। फिर भी उसके परिवार को प्रशासन की तरफ से पांच लाख की सहायता दी गई है। किसी पुलिस वाले को बचाने का सवाल ही नहीं उठता।
हाजी फरीद महबूब किदवई, विधायक कुर्सी
कानून अपना काम कर रहा है। बाकी इस मामले में मैं कुछ नहीं बोलूंगा।
अरविंद सिंह गोप, विधायक रामनगर
मेरे ऊपर लगाए लगाए गए आरोप एक दम गलत हैं। जलती हुई महिला को देख मैंने तुरंत गाड़ी रुकवाई और आसपास मौजूद लोगों की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया। महिला का एक बेटा जलती हुई मां की फोटो खींच रहा था। मैंने डॉक्टर से बात करके उसको अस्पताल भिजवाया। पीड़ित परिवार के साथ पूरी हमदर्दी है। अंतिम संस्कार के बाद ही तुरंत पांच लाख की मदद भी महिला को पति को दिलवाया।
राम मगन रावत, विधायक हैदरगढ़
कोठी मामले में मुझे कुुछ नहीं कहना। आरोपियों को गिरफ्तार करना या न करना पुलिस प्रशासन का काम है।
राम गोपाल रावत, विधायक जैदपुर