मारपीट के मामले में शांतिभंग की कार्रवाई कर मसौली थाने में बंद किए गए एक युवक ने मंगलवार को विषाक्त पीकर आत्महत्या का प्रयास किया। पुलिस ने युवक को सीएचसी में भर्ती कराया है। युवक का कहना है कि पुलिस ने उस पर बेवजह कार्रवाई की जबकि जिन लोगों ने उसे व उसकी पत्नी को पीटा था, उन्हें छोड़ दिया गया।
मसौली के ज्वेली नौबस्ता गांव निवासी जामवंत (28) पुत्र श्रीकेशन का मंगलवार को मामूली बात को लेकर कुछ लोगों से विवाद हो गया था। इसके बाद विपक्षियों ने थाने में शिकायत की तो पुलिस ने जामवंत को पकड़ लिया। इस पर उसने थाना परिसर में ही देर शाम कोई विषाक्त पदार्थ पीकर जान देने का प्रयास किया।
युवक की हालत बिगड़ने लगी तो पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए। उसे इलाज के लिए सीएचसी बड़ागांव पहुंचाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक युवक की हालत खतरे से बाहर है। जामवंत का कहना है कि गांव के लोगों ने उसको व उसकी पत्नी अर्पण से मारपीट व छेड़छाड़ की थी। इस बारे में जब वह विपक्षियों की शिकायत करने थाने पहुंचा तो पुलिस ने उल्टा उसे ही हिरासत में लेकर शांतिभंग की कार्रवाई कर दी। इसी बात से आहत जामवंत ने थाना परिसर में रखे पुताई के सामान से एक बोतल उठा ली और उसमें भरा विषाक्त पीकर जान देने का प्रयास किया।
सीओ रामनगर दुर्गेश सिंह का कहना है कि, मारपीट के मामले में युवक पर कार्रवाई की गई थी। मसौली थाने मेें पेंटिंग चल रही है। जिसका कुछ सामान वहां रखा है। युवक ने शायद पेंट या तारपीन जैसी कोई चीज पी ली थी। उसे सीएचसी में भर्ती कराया गया है। युवक यदि पुलिसकर्मियों पर किसी तरह का उत्पीड़न करने का आरोप लगा रहा है तो उसकी जांच कर कार्रवाई होगी।