सिपाही द्वारा गर्भवती महिला की पिटाई के बाद अस्पताल ले जाते ग्रामीण।
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खाकी वर्दी की शर्मनाक करतूत बुड़ानापुर गांव में साफ दिखी। मकान पर कब्जेदारी के विवाद में विपक्षियों की शिकायत पर सिपाही ने गर्भवती महिला की लात-घंूसों से जमकर पिटाई कर दी। गंभीर रूप से घायल महिला को परिवारीजनों ने सीएचसी में भर्ती कराया गया।
जहां उसकी हालत गंभीर बताते हुए डॉक्टरों ने रेफर कर दिया। पुलिस की इस कार्यशैली से क्षुब्ध परिवारीजनों ने मार्ग जाम कर प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष ने सिपाही के विरुद्ध कार्रवाई का आश्वासन दिया तक जाकर परिवारीजन शांत हुए।
मामला मोहम्मदपुर खाला थानाक्षेत्र के ग्राम बुड़ानापुर का है। गांव के निवासी छोटकउ की पत्नी जैतूना बानों के नाम एक मकान था, जिसको जैतूना ने कुछ दिन पूर्व गांव के निवासी गौस मोहम्मद के हाथों बेच लिया था। मकान की कब्जेदारी को लेकर जैतूना बानो के बेटे हारून की पत्नी शबनम ने अपना हक जताते हुए पुलिस को तहरीर दी थी।
शनिवार को सूरतगंज चौकी पर तैनात पांच सिपाही मौके पर पहुंचे। गौस मोहम्मद का आरोप है कि उसकी पत्नी रूबी उसकी एक वर्षीय पुत्री रिहाना के साथ घर के बाहर खड़ी थी। पुलिस ने जबरन उक्त मकान का ताला खोलने को कहा जिस पर रूबी ने विरोध किया तो एक सिपाही ने उसे धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया और लात-घूसों से मारने लगा।
आरोप है कि उसकी पांच महिला माह की गर्भवती थी, पेट पर लात पड़ने से उसकी हालत बिगड़ने लगी। सिपाही मकान खाली करने की धमकी देकर चले गया। महिला की हालत बिगड़ते देख परिवारीजनों ने उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सूरतगंज में भर्ती कराया गया। जहां डाक्टरों ने उसकी हालत में सुधार न होते देख जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
परिवारीजन महिला को फतेहपुर कस्बे के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। परिवारीजनों ने अहरी चौराहे पर मार्ग जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। करीब आधा घंटे चले प्रदर्शन के बाद मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष धनंजय सिंह ने परिवारीजनों को आश्वासन दिया कि सिपाही के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।