शुक्रवार को पुलिस लाइंस के पास एक किशोरी को रोते बिलखते देखा गया था जिसकी जानकारी चाइल्ड लाइंस की निदेशिका नाहिद अकील को दी गई। कुछ ही देर में चाइल्ड लाइन की टीम मौके पर पहुंचकर किशोरी को अपने साथ ले जाकर लखनऊ गईं लेकिन उसे किसी संरक्षण ग्रह ने अपने यहां लेने से इंकार कर दिया जिसकी सूचना उन्होंने मिनिस्ती एस विशेष सचिव गृह को दी। उसके बाद किशोरी को उपचार के लिए जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया।
शुक्रवार को लावारिस हालात में मानसिक रूप से कमजोर एक किशोरी पुलिस लाइन से लेकर गन्ना दफ्तर के आस पास घूम रही थी जिसकी सूचना आस पास के लोगों ने अमर उजाला कार्यालय को दी। जहां से चाइल्ड लाइन की निदेशिका नाहिद अकील को मामले की जानकारी दी गई। मौके पर पहुंची चाइल्ड लाइन की टीम ने किशोरी को संरक्षण दिलाने के लिए उसे महिला सिपाही शिव कुमारी वर्मा के साथ लखनऊ संरक्षण ग्रह ले गई, लेकिन वहां किसी ने भी किशोरी को अपने यहां रखने से मना कर दिया।
जिसकी सूचना नाहिद अकील ने विशेष सचिव गृह उप्र सरकार मिनिस्ती एस को दी। मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष सचिव मिनिस्ती एस ने रविवार को शांति निकेतन लखनऊ से महिला चिकित्सक और काउंसलर को लेकर जिला महिला अस्पताल किशोरी से मुलाकात करने पहुंची। किशोरी का नाम व पता अभी नहीं लग सका है। नगर कोतवाली पुलिस भी किशोरी के परिवारीजनों को तलाश करने में लगी हुई है।
विशेष सचिव ग्रह के साथ उपजिलाधिकारी नीलम यादव, केके गुप्ता, नाहीद अकील, सिस्टर नीतलू एवं सिस्टर रषमी चाइल्ड लाइन से अखिलेश शुक्ला, बच्ची को पुलिस तक पहुंचाने का सहयोग करने वाली दिव्या मिश्रा , हरिश्चंद पांडे आदि लोग मौजूद अधिकारी मौजूद रहे।
जांच के बाद लखनऊ में भर्ती कराई जाएगी किशोरी
चाइल्ड लाइन की निर्देशिका नाहिद अकील ने बताया कि किशोरी के मिलने के बाद इसकी सूचना नगर कोतवाली पुलिस को दी गई। रात में महिला थाने की सिपाही शिव कुमारी वर्मा को साथ लखनऊ भेजा गया था। वहां पर किसी संरक्षण ग्रह के न लेने पर उसे वापस बाराबंकी लाया गया। जहां डीएम ने सीएमओ को आदेश देकर रात को उसे महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। सोमवार को सारी जांचे होने के बाद किशोरी को सीडब्लूसी के लेटर पर लखनऊ स्थित नूर मंजिल मानसिक रोग अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा।