बर्तन साफ कर रही बालिका के ऊपर जर्जर विद्युत तार गिर पड़ा जिससे वह तड़पने लगी। यह देख उसको बचाने दौड़ा छह वर्ष का भाई विद्युत स्पर्शाघात से दूर जा गिरा। यह देख परिवारीजनों ने बांस से तार को हटाया, लेकिन जब तक बालिका को लेकर लोग अस्पताल जाते तब तक उसकी मौत हो गई।
बालिका के मौत से ग्रामीण आक्रोशित हो गए। सीओ व कोतवाल ने गांव पहुंच कर घटना से आक्रोशित ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया। और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उपखंड अधिकारी विद्युत ने मृतका के परिवारीजनों को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया है।
शुक्रवार दोपहर योगेंद्र की 9 वर्षीय पुत्री मंजू घर के सामने बर्तन धुल रही थी। करीब बारह बजे आबादी के बीच से गई एलटी लाइन का तार टूट कर नीचे गिर गया। तार टूट कर गिरने से मंजू करंट की चपेट में आ गई और तड़पने लगी। पास में ही खेल रहे छह वर्ष अभिषेक ने अपनी बहन को बचाने का प्रयास किया तो करंट के झटके से दूर जा गिरा। यह देखते ही परिवारीजनों में हड़कंप मच गया। परिवारीजनों ने बांस से विद्युत तार को हटाया लेकिन तब तक मंजू की मौत हो चुकी थी।
मौत की खबर गांव में फैलते ही ग्रामीण एकत्र को गए और ग्रामीणों में आक्रोश भड़क गया। एसडीएम जीपी गुप्ता व कोतवाल चंद्रशेखर सिंह ने समझा बुझा कर शांत किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। जानकारी पर पहुंच पावर कॉर्पोरेशन के सहायक अभियंता जेपी गौतम ने परिवारीजनों को विभाग की ओर से एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया है।
हादसे की यह वजह तो नहीं
पावर कॉर्पोरेशन द्वारा करीब पंद्रह दिन पूर्व तहसील दिवस में जर्जर तार बदलने की बात कही गई थी, लेकिन विभाग द्वारा जर्जर विद्युत तारों को बदलवाया नहीं गया। गांव के अशोक पांडेय, अन्नू, बृजेंद्र आदि का कहना है कि कई बार पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों से जर्जर तार बदलवाने के लिए कहा गया। तहसील दिवस में शिकायत के बाद पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारी ने तार बदलवाने की बात तो कही, लेकिन जर्जर तारों को नहीं बदला गया।