आश्रम में मछली चुराने के आरोप में पिटाई से विनोद की मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। शव घर पहुंचने पर नाराज ग्रामीणों ने मार्ग जाम कर धरना-प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों की ग्रामीणों से नोकझोंक हो गई जिस पर ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों की जमकर पिटाई कर दी। सूचना पर तहसीलदार व सीओ ने ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया।
मालूम हो कि, जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के ग्राम टेरा गांव के पास तालाब में सात अगस्त को कुछ लोग चोरी से मछली पकड़ने आए थे जिसके बाद साईं आश्रम के महंत छोटे साईं तालाब में हो रही हलचल के चलते जाग गए और मछली पकड़ने से मना किया। जिस पर उन लोगों ने बाबा को लात घूंसों पीट दिया।
इसके बाद ग्रामीणों ने चारों को पकड़ लिया और उनकी जमकर पिटाई कर दी। पकड़े गए सराफत अली, सर्बेश पासी, विनोद पासी, प्रताप पासी निवासी टेरा पिटाई से घायल हुए। इनमें से विनोद को जिला अस्पताल से ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया था जहां सोमवार को उसकी मौत हो गई। विनोद पुत्र सुरेश का शव जब सोमवार को गांव पहुंचा तो वहां मौजूद ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। इस बीच जहांगीराबाद थाने के कुछ पुलिसकर्मी भी गांव पहुंच गए।
मृतक के परिवारीजन व ग्रामीणों ने पुलिस पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाते हुए आक्रोश जताना शुरू कर दिया। इस बीच कई ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों को लाठी-डंडा लेकर दौड़ा लिया और एक दरोगा व दो सिपाहियों की पिटाई भी कर दी। मौके से सभी पुलिसकर्मी भाग निकले। बाद में, अधिकारियों के पहुंचने पर वापस पुलिस गांव गई।
मौके पर पहुंच गई कई थानों की पुलिस
टेरा गांव में प्रदर्शन कर रहे ग्रामीण मृतक के परिवारीजनों को दस लाख की आर्थिक सहायता, पांच बीघा जमीन व आरोपियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की जा रही थी। बवाल बढ़ने पर मौके पर देवा, मसौली, सफदरगंज व जहांगीराबाद थाने की पुलिस पहुंच गई। वहीं एसडीएम नीलम यादव, तहसीलदार सदर उमेश सिंह व सीओ लाइन अमिता सिंह भी मौके पर जा पहुंची।
सीओ ने एसओ जेेपी चौबे से आरोपियों पर रिर्पोट दर्ज कर कार्रवाई व एसडीएम और तहसीलदार ने पीड़ित परिवार को नियमानुसार आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया तब जाकर ग्रामीण शांत हुए और प्रदर्शन समाप्त किया।