हैदरगढ़ के रामपुर गांव में नौकरी करके अपने पैरों पर खड़ी होने की ख्वाहिश एक विवाहिता का काल बन गई। नौकरी करने के खिलाफ पति व ससुराल के अन्य लोगों ने उसे पीटकर फांसी के फंदे पर लटका दिया। मायके वालों ने दहेज के लिए हत्या का आरोप लगाते हुए पति समेत पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
हैदरगढ़ के रामपुर मजरे बारा निवासी रोहित की पत्नी सुभाषिनी (20) का शव बुधवार सुबह ससुराल में फांसी के फंदे पर लटका मिला। ससुरालीजन पुलिस को सूचना दिए बिना अंतिम संस्कार करने की तैयारी में थे लेकिन इसी बीच खबर पाकर सुभाषिनी के मायके वाले पहुंच गए।
सुभाषिनी के पिता लखनऊ के थाना गोसाईगंज के मटेरा आदम नौबस्ता गांव निवासी रामप्रकाश ने बताया 13 मार्च 2015 को बेटी की शादी रोहित से की थी। ससुराल वाले दहेज की मांग को लेकर सुभाषिनी को प्रताड़ित करते थे। पिता का कहना है कि सुभाषिनी अपने पैरों पर खड़ी होकर बेरोजगार पति का सहारा बनना चाहती थी।
सुभाषिनी ने छोटी बहन सरोजनी के साथ कौशल विकास योजना में नर्सिंग का प्रशिक्षण लिया था। गोंडा के निजी चिकित्सालय में चयन होने पर दोनाें बहनें साथ ही जाने की तैयारी कर रहीं थी मगर पति व ससुराल के अन्य लोग बहू के नौकरी करने पर आपत्ति जता रहे थे।
पिता का आरोप है कि इसी वजह से सुभाषिनी की हत्या की गई है। रामराज का कहना है कि वह बेटी की ससुराल पहुंचा तो ससुराल वाले शव को रजाई में छिपाए थे और घर की महिलाएं उसके बक्से से गहने निकाल रही थीं। वहीं, ससुराली जनों ने पुलिस को बताया कि सुभाषिनी ने घर में मामूली विवाद होने पर फांसी लगाकर जान दी है।
सीओ केडी मिश्र व नायब तहसीलदार प्रज्ञा सिंह ने परिवारीजनों से पूछताछ की। इसके बाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कोतवाल एसपी सिंह ने बताया कि मृतका के पिता की तहरीर पर पति रोहित, ससुर बद्री विशाल, सास सरोज, जेठ अनूप व जेठानी की विरुद्ध दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।