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जिला अस्पताल में जीवन रक्षक दवाएं खत्म

Thu, 21 Apr 2016 12:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
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जिला अस्पताल की व्यवस्था दिन ब दिन चौपट - फोटो : अमर उजाला
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जिला अस्पताल की व्यवस्था दिन ब दिन चौपट होती जा रही है। पहले पैथोलॉजी में जांच बंद हुई और अब करीब डेढ़ महीने से 35 जीवन रक्षक दवाएं खत्म हो गई हैं। गंभीर बीमारी वाले मरीजों को बाहर से दवा खरीदने के लिए कहा जा रहा है। मार्च में दवाओं की डिमांड भेजी गई थी लेकिन दवा आपूर्ति करने वाली कंपनियों ने अभी तक सप्लाई नहीं की है।
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ससे यहां पर आने वाले मरीज यह दवाएं बाहर से खरीदने को मजबूर हैं। लेकिन अस्पताल प्रशासन इस ओर जरा भी ध्यान नहीं दे रहा है जिससे दूरदराज से आने वाले मरीजों को निराश होकर वापस लौटना पड़ रहा है।

जिला अस्पताल से मरीजों को मुफ्त मिलने वाली जीवन रक्षक दवाएं जैसे फरसूमाइड, एसीक्लोफेनिक, पैरासीटामॉल सीरप, रेंटेडिन टेबलेट, ओमप्राजोल कैप्सूल समेत करीब 35 जीवन रक्षक दवाएं ऐसी हैं जो अस्पताल में नहीं है। अस्पताल प्रशासन यह कहकर हाथ खडे़ कर रहा है कि जीवन रक्षक दवाओं की आपूर्ति के लिए कंपिनयों को आर्डर तो दिए गए थे लेकिन कंपनियां समय पर दवाएं उपलब्ध नहीं करा रही हैं। 
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पैरासिटामाल तक नहीं है
जिला अस्पताल में एंटीबायोटिक दवाओं के नाम पर मरीजों को महज सेप्ट्रान टेबलेट दी जा रही है। इसके अलावा अस्पताल प्रशासन के पास कोई और एंटीबायोटिक दवा नहीं है। अस्पताल सूत्रों का कहना है कि बच्चों को फीवर में दी जाने वाली पैरासीटामॉल सीरप तक काफी समय से नहीं है लेकिन इसकी खरीद भी नहीं की जा रही है।

तीन महीने से मशीन खराब
सरकार ने भले ही अस्पताल में होने वाली सभी प्रकार की जांचें फ्री कर दी हो लेकिन जिला अस्पताल आने वाले मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। ब्लड की जांच के नाम पर महज ब्लड शुगर और हीमोग्लोबिन के अलावा अन्य किसी प्रकार की जांच नहीं हो पा रही है। क्योंकि ब्लड जांच के लिए जो मशीन अस्पताल की पैथालॉजी में लगी है वह पिछले तीन माह से खराब पड़ी है। 

अस्पताल में कई प्रकार की दवाएं मौजूदा समय में उपलब्ध नहीं है। जिन कंपनयों को इन दवाओं की आपूर्ति के आर्डर दिए गए थे वह कंपनियां समय से दवाओं की आपूर्ति नहीं कर रही हैं। जिस पर इन कंपनियों को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया गया है। नए वित्तीय वर्ष में नए सिरे से दवाओं की खरीद की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। डॉ. एसके सिंह, सीएमएस 

जिला अस्पताल मेें जीवन रक्षक दवाएं नहीं है इस बात की जानकारी नहीं है। यदि दवाएं नहीं है तो इस बात से सीएमएस को अवगत कराना चाहिए था। कौन-कौन सी दवाएं नहीं हैं इसकी जानकारी कर जो जरूरी होंगी वह दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। ब्लड जांच की मशीन यदि खराब है तो उसे भी जल्द से जल्द सही कराया जाएगा। -डॉ. रविन्द्र कुमार, सीएमओ
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