न्यायालय ने अभियुक्तों को दस-दस हजार रुपये अर्थदंड अदा करने का भी आदेश दिया है। अर्थदंड की धनराशि वसूल होने पर बीस हजार रुपये मृतका के पिता को बतौर क्षतिपूर्ति प्रदान किये जायेंगे।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अमर सिंह यादव ने बताया कि प्रतापगढ़ के अन्तू थानान्तर्गत ग्राम गोबरी निवासी बृजनाथ ने पुत्री अंजू सिंह की शादी वर्ष 2003 में यहां टिकैतनगर के ग्राम मंझेला निवासी बृजेन्द्र कुमार सिंह के साथ की थी।
दहेज में बाइक की मांग को लेकर ससुराल वाले अंजू को शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे। मांग पूरी न होने पर 12 मार्च 2008 को पति बृजेन्द्र सिंह, ससुर दुर्योधन सिंह, जेठानी सरिता सिंह, सल्लू उर्फ विजय प्रताप सिंह व देवरानी पिंकी ने उसे जला दिया था।
इलाज के दौरान अंजू की मृत्यु हो गयी। मामले का निस्तारण करते हुए न्यायालय ने अभियुक्त ससुर दुर्योधन सिंह, जेठानी सरिता सिंह व देवर सल्लू उर्फ विजय प्रताप सिंह को यह सजा भुगतने का आदेश दिया।
अभियुक्ता पिंकी को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। अभियुक्त पति बृजेन्द्र फरार है।