राजकीय आईटीआई फतेहपुर में पिछले करीब एक माह से पढ़ रहे 45 छात्र-छात्राओं को एक दिन पूर्व ही बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। अचानक कॉलेज से निकाले जाने से आक्रोशित छात्रों ने बुधवार को आईटीआई कॉलेज गेट पर ताला जड़ कर हंगामा काटा।
छात्रों ने कॉलेज प्रशासन के ऊपर प्रवेश में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। मौक पर पहुंचे नायब तहसीलदार व पुलिस ने छात्रों को समझाबुझा कर मामले को शांत कराया। शाम को छात्रों ने जिलाधिकारी से मुलाकात की और उन्हें पूरे प्रकरण से अवगत कराते हुए बताया कि यदि कॉलेज से उन्हें निकाला गया तो उनका साल बर्बाद हो जाएगा।
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान फतेहपुर में बुधवार की सुबह करीब 8 बजे तमाम छात्र कॉलेज पहुंचे और गेट पर ताला जड़ कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं सरोज कुमार, उषा भारती, ममता, आरती गौतम, मीनाक्षी आदि ने बताया कि इन छात्रों ने शिक्षा सत्र 2016-17 में अगस्त में विभिन्न ट्रेडों में प्रवेश लिया था। कॉलेज की फीस भी जमा की गई। कॉलेज से बैग व आईकार्ड तक इश्यू कर दिए गए।
लेकिन मंगलवार को उन्हें बिना कारण बताए ही कॉलेज से नाम काट कर बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। छात्रों का आरोप है कि प्रधानाचार्य ने प्रवेश में गोलमाल किया हैै। उन सभी के नाम हटा कर सुविधा शुल्क लेकर नए छात्रों का प्रवेश ले लिया गया है। छात्रों ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नाराबाजे की।
मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार व पुलिस प्रशासन ने छात्रों को समझाबुझा कर मामले को शांत कराया। नायब तहसीलदार ने कहा कि किसी भी छात्र का साल बर्बाद नहीं होने दिया जाएगा। बुधवार को छात्रों ने डीएम से मिल कर पूरे प्रकरण से अवगत कराया है। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि आईटीआई में प्रवेश मेरिट के आधार पर होता है।
जिन छात्रों के नाम काटे गए हैं, उनका चयन पहली मेरिट सूची के आधार पर किया गया। लेकिन दूसरी मेरिट में जारी होने पर रैंक हाई हो गई। जिसके आधार पर इन छात्रों को अन्य कॉलेजों में ट्रांसफर कर दिया गया था। कई छात्रों ने ट्रांसफर ले लिया लेकिन अभी कइयों ने प्रवेश नहीं लिया। ऊपर से आए निर्देश पर इन छात्रों का नाम काटा गया है।
प्रवेश की दूसरी मेरिट हाई गई थी। जिससे कुछ छात्रों का ट्रांसफर दूसरे कॉलेजों में किया गया है। जिन छात्रों ने नए कॉलेजों में प्रवेश नहीं लिया है। उन्हीं के नाम काटे गए हैं। इन छात्रों की संख्या लगभग 15 है। प्रयास किए जा रहे हैं कि इन सभी छात्रों का साल नहीं बर्बाद हो। इनका समायोजन कर लिया जाए। -दीपक यादव, प्रधानाचार्य आईटीआई जहांगीराबाद।