जिले में अवैध मिट्टी खनन कराने में जिम्मेदारों की संदिग्ध भूमिका से अब इन्कार नहीं किया जा सकता। इस बात का सच सिरौलीगौसपुर के एसडीएम की शनिवार को की गई कार्रवाई खुद बयां कर रही है। अवैध मिट्टी खनन का कारोबार दिन ढलने से भोर तक सिर्फ सफदरगंज थाना क्षेत्र में ही नहंी होता बल्कि सच तो यह है कि इससे जिले का कोई थाना क्षेत्र अछूता ही नहीं। मगर, इस कारोबार से जुड़े लोगों पर कार्रवाई न कर कारोबारियों के साथ मिलकर जिम्मेदार भी अपनी जेबें भर रहे हैं।
शहर के नेशनल हाइवे के किनारे स्थित बडेल जंगल की करीब 50 बीघे जमीन पर मिट्टी चोरी की गई। इसकी पुष्टि भी नायब तहसीलदार की जांच में हुई। मगर, कार्रवाई के नाम पर अधिकारी एक दूसरे के पास जांच रिपोर्ट होने की बात कर मिट्टी चोर व उसमें संलिप्त राजस्व व पुलिस विभाग के जिम्मेदारों को बचाने में मशगूल दिख रहे हैं। नतीजतन रोजाना मिट्टी ढोने वाले डम्फर हाइवे से लेकर शहर की सीमा में रफ्तार भरते देखे जाते है।
देवा व हैदरगढ़ क्षेत्र में तो रिंग रोड की आड़ में अवैध मिट्टी खनन का कारोबार ने अपने पांव पसार रखे है। वहीं असंद्रा थाना क्षेत्र के सिद्वौर व कोठी थाना क्षेत्र में गोमती नदी के किनारे अवैध खनन जारी है। रामसनेहीघाट कोतवाली क्षेत्र में तो हैदरगढ़ मार्ग पर एक निर्माणाधीन पेट्रोल पम्प पर पड़ी सैकड़ो डम्फर मिट्टी अवैध खनन की चुगली कर रहा है। इसके अलावा दरियाबाद से लेकर सफदरगंज जैदपुर, सतरिख आदि थाना क्षेत्रों में भी मिट्टी खनन का कारोबार फलफूल रहा है। मगर, पुलिस व राजस्व विभाग के जिम्मेदारों को क्षेत्र में हो रहा अवैध खनन का सच नहीं दिखता। किसी ने अगर इसकी सूचना अधिकारियों को दे दी तो एक-दो ट्रैक्टर-ट्राली को थाने में बंद कराकर जिम्मेदार अपना बचाव कर लेते है।