खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार रामसकल गुर्जर शनिवार सुबह केडी सिंह बाबू स्टेडियम में निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण कर रहे थे। जिम्मेदारों को निर्माण में खामियां बताते जा रहे थे।
अधिकारी भी गलती मान खानापूरी कर रहे थे। इसी बीच मंत्री की निगाह ईंट से बनवाई जा रही अलमारी पर पड़ी। दीवार छोटी ही थी। लेकिन मुख्य दीवार से पकड़ नहीं थी। मंत्री ने इसे दुरुस्त कराने के लिए कहा। इसी बीच जैसे ही उन्होंने दीवार को हाथ लगाया, वह भरभराकर ढह गई।
अन्य अलमारियों की दीवाराें में ऐसी ही खामियां मिलीं। लेकिन मंत्री जिम्मेदारों पर कार्रवाई करने की बजाय कार्य सुधार की चेतावनी देकर चले गए। वह जांच कराने के भवन निर्माण में प्रयुक्त सामग्री के नमूने ले गए। खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार रामसकल गुर्जर शनिवार की सुबह करीब पौने ग्यारह बजे केडी सिंह बाबू स्टेडियम पहुंचे।
उनके साथ खेल निदेशक डॉ. आरपी सिंह व अन्य अधिकारी मौजूद रहे। मंत्री ने पहले स्टेडियम परिसर में ठीक आगे बने भवन परिसर का निरीक्षण किया। इसके बाद वह दूसरे निर्माणाधीन भवन (हॉस्टल) पहुंचे। उन्होंने पूरे भवन का बारीकी से निरीक्षण किया।
पहला मामला तो पीली ईंटों के प्रयोग का पाया गया। इस पर मंत्री ने प्रयोग की जा रही ईंटों की गुणवत्ता के संबंध में पूछा। लेकिन जेई ने बताया कि भवन निर्माण में अव्वल ईंटों का ही प्रयोग हो रहा है। इस दौरान संयुक्त निदेशक खेल अनिल कुमार बनौदा, जिला क्रीड़ाधिकारी अनीता कनौजिया आदि मौजूद रहीं।
अलमारी निर्माण में नहीं प्रयोग हुई सरिया
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने एक अलमारी में ढाली गई पट्टियां देखी। इसमें सरिया का प्रयोग नहीं किया गया था। इस पर मंत्री ने नाराजगी जताई। अधिकारी ने भी गलती मान कर इतिश्री कर ली। मंत्री ने कहा भी कि यहां सरिया नहीं तो पहले वाले भवन में सरिया नहीं हो सकती है। लेकिन अधिकारी ने उसकी गारंटी ले ली।
लिफ्ट लगाने में बच्चों की सुरक्षा का दिया जाए ध्यान
मंत्री निरीक्षण के दौरान एक ढांचे के पास रुक गए। उन्होंने पूछा यह क्या है। लिफ्ट लगनी है। इस पर उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से लिफ्ट का निर्माण होना चाहिए। मौजूद एक अधिकारी ने बताया कि लाइट कट होते ही लिफ्ट ग्राउंड फ्लोर पर जा जाएगी और दरवाजे अपने आप खुल जाएंगे। जिससे सभी सुरक्षित रहेंगे।