बाराबंकी। टोल टैक्स देने के नाम पर जैदपुर थाना क्षेत्र में टोल प्लाजा पर हंगामा व मारपीट करने के आरोपी पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री इकबाल को दबोचने का पुलिस दिखावा तो नहीं कर रही। वारदात के आठ दिन बीतने के बाद भी पुलिस खाली हाथ है। पुलिस अधिकारी भले ही इकबाल की गिरफ्तारी के लिए सार्थक प्रयास किए जाने की बात कह रही पर आरोपी के आगे पुलिस टीमें पस्त नजर आ रही है।
बताते चले कि जैदपुर थाना क्षेत्र में टोल प्लाजा पर फायरिंग व जानलेवा हमले के फरार तीन आरोपियों में लखनऊ के नक्खास निवासी पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री इकबाल व उनके गनर मोहम्मद आबिद और निजी पीएसओ समर बहादुर सिंह की अभी तक पुलिस को तलाश है। पुलिस द्वारा इन सभी का पता लगाने के लिए लखनऊ समेत कई अन्य जिलों में भी छापेमारी करने का दावा किया जा रहा है। इन आरोपियों को पकड़ने के लिए एसपी ने पुलिस की आठ टीमें लगाई है, लेकिन उसके बावजूद पुलिस की यह सभी टीमें आरोपियों को तलाशने में फेल साबित हो रही है। इकबाल किस शहर में है इस बारे में भी पुलिस कुछ पता न होने की बात कहती नजर आ रही है।
रेंज रोवर खरीद में नया मोड़, चचेरे भाई के खरीदी थी गाड़ी
गुड़गांव गई पुलिस की एक टीम इकबाल की रेंज रोवर के पेपर चेक करने में जुटी हुई है। पुलिस सूत्रों की माने तो वहां पर पुलिस ने जो पड़ताल की है उसमें यह पता चला है कि इकबाल रेंज रोवर के तीसरे खरीददार हैं और इसको उसने अपने एक चचेरे भाई के नाम पर खरीदा था। मंत्री ने भले ही यह कार अपने भाई के नाम खरीदा हो पर इसका पंजीकरण अभी तक पुरानी कंपनी के नाम ही है। अब पुलिस इन तमाम बातों के बारे में जांच पड़ताल करने की बात कह रही है।
कुर्की हासिल करने की तैयारी
पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री इकबाल के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद पुलिस अब मंत्री के खिलाफ 82-83 की कार्रवाई की तैयारी शुरू किए जाने की बात पुलिस कह रही है। एएसपी शफीक अहमद का कहना है कि फिलहाल तो आरोपियों की तलाश की जा रही है पर यदि कोई आरोपी पकड़ में नहीं आता है तो अब सभी आधार मजबूत कर आरोपियों के खिलाफ 82-83 की कार्रवाई किए जाने के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया जाएगा।
टोल प्लाजा विवाद मामले में आरोपी इकबाल व दो अन्य की गिरफ्तारी के लिए कई पुलिस टीमें अपना काम कर रही है। इस मामले में कई बिंदुओं पर जांच पड़ताल की जा रही है। अभी तीनों आरोपी पकड़ में नहीं आ सके हैं।
- अब्दुुल हमीद, एसपी