थाना बाघापुराना पुलिस ने धोखाधड़ी से शगुन स्कीम के अंतर्गत की 15 हजार रुपये की राशि लेने के आरोप में बहन-भाई, दो पूर्व सरपंचों और नंबरदार के खिलाफ केस दर्ज किया है। जिला पुलिस प्रमुख की हिदायतों पर इस मामले की जांच ईओ विंग को सौंपी गई है।
जिला भलाई अफसर गुरमीत सिंह कड़ियालवी ने कहा कि सरकार की हिदायतों के अनुसार अगर कोई व्यक्ति गलत ढंग से या तथ्य छुपाकर शगुन स्कीम का लाभ लेता है तो उससे ब्याज समेत रिकवरी की जाती है।
उन्हाेंने कहा कि इस मामले की उनके पास भी शिकायत आई थी। विवाह ठीक हुआ है, लेकिन शगुन स्कीम के अंतर्गत भरी फाइल में सिर्फ विवाह की तारीख ही गलत होने का आरोप है।
उन्होंने यह भी कहा कि दंपति के विवाह के बाद अनबन हो गई और इनका झगड़ा अदालत में भी चल रहा है। पुलिस के मुताबिक महिंदर कौर निवासी गांव चंद नवा का विवाह 4 साल पहले लखवीर सिंह निवासी गांव बादोवाल जिला होशियारपुर से हुआ था।
विवाहिता महिंदर कौर ने शगुन स्कीम के अंतर्गत 15 हजार रुपये की राशि हासिल की थी। इस बारे में गांव चंद नवा के नंबरदार गुरचरन सिंह के अलावा पूर्व सरपंच जगसीर सिंह और गांव बादोवाल जिला होशियारपुर के पूर्व सरपंच तिलक राज के अलावा महिंदर कौर के भाई चरनजीत सिंह ने शगुन स्कीम में दिए तथ्य ठीक होने बारे तस्दीक की थी।
पुलिस ने बताया कि कथित आरोपी महिंदर कौर की सास सतनाम कौर निवासी गांव बादोवाल जिला होशियारपुर हाल आबाद मोहाली ने जिला पुलिस प्रमुख को शिकायत दी थी कि शगुन स्कीम की फाइल पर उसके फर्जी हस्ताक्षर कर उसकी बहु ने धोखाधड़ी से दूसरे आरोपियों की मिलीभगत से शगुन स्कीम के अंतर्गत राशि हासिल की है।
इस मामले में कानूनी राय हासिल करने बाद थाना बाघापुराना में विवाहिता महिंदर कौर, उसके भाई चरनजीत सिंह निवासी गांव चंद नवा, नंबरदार गुरचरन सिंह के अलावा पूर्व सरपंच जगसीर सिंह और गांव बादोवाल जिला होशियारपुर के पूर्व सरपंच तिलक राज खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।