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इकबाल लाकअप की फर्श पर

Thu, 18 Jun 2015 11:11 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
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बाराबंकी। लग्जरी वाहन, वातानुकूलित साफ-सुथरा कमरा, ब्रांडेड कपड़े व आलीशान बेड और उस पर सलीके से बिछी मखमल की चादर और तकिया। आसपास कुछ कारिंदे (सुरक्षाकर्मी) से घिरे फर्जी मंत्री इकबाल का कुछ घंटों पूर्व कुछ ऐसा ही रुतबा दिखता था, मगर अहमदपुर टोल प्लाजा पर फायरिंग के आरोप में पुलिस गिरफ्त में आने पर पल भर में सारा नजारा बदल गया। मिनटों में ही फर्जी मंत्री अर्श से फर्श पर आ गया। टोल प्लाजा पर फायरिंग के मामले में गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने इकबाल को जैदपुर थाने की लाकअप में बंद कर दिया। लाकअप में न तो आलीशान बेड है और न ही ऐशोआराम के लिए सुख सुविधाएं। छोटे से बैरक में शौचालय के अलावा सोने भर के लिए जगह बचती है। यही नहीं किसी से मिलने की भी इजाजत नहीं थी। फर्जी मंत्री सामान्य लोअर टी-शर्ट में चहल कदमी करते दिखाई दिए। यही नही थाने के माहौल और फर्जी मंत्री की लोकेशन की पल-पल की जानकारी उच्चधिकारियों को उपलब्ध कराई जा रही थी। सूत्रों की मानें तो इकबाल ने रात में खाना तक नहीं खाया। थाने से ही एक बोतल पानी मांगी और वही पीते रहे। यहां के पुलिस कर्मियों की माने तो रात भर इकबाल फर्श पर बैठकर जागते ही रहे। बृहस्पतिवार को जेल जाने से पहले परिवारीजन जो खाना व नाश्ता लाए थे इकबाल ने वहीं खाया। लाकअप में बिना पंखे के रात भर दीवार व छत पर नजर गड़ाकर समय काटा। इस दौरान सुरक्षाकर्मी फर्जी मंत्री पर तंज भी कसते रहे। आम बंदियों की तरह रखा गया इकबाल को जेल अफसरों की मानें तो इकबाल को जेल में आम बंदियों की तरह रखा गया है। जेल पहुंचने पर उसकी आम बंदियों की तरह जमकर तलाशी ली गई। फिर मुलाहिजा बैरक में बंद किया गया। हालांकि, इकबाल के तमाम समर्थक जेल पहुंच गए थे, मगर किसी को जेल में प्रवेश नहीं मिला। समर्थकों के फोन की घंटियां लगातार घनघना रहीं थी। सभी जेल अधीक्षक व जेलर से संपर्क साधने की बात कर रहे थे। इस बैरक में फर्श पर लेटकर ही इकबाल को पूरी रात गुजारनी पड़ेगी। जेल अधीक्षक अशोक सागर का कहना है कि इकबाल को भी आम बंदियोें की तरह से जेल में रखा गया है। पुलिस जीप में पीछे बैठकर आया इकबाल टोल प्लाजा मामले में आरोपी कथित पूर्व मंत्री इकबाल को जैदपुर थाने से पुलिस जीप में पीछे बैठाकर पुलिस लाइन लाया गया। मीडियाकर्मियों के आने पर पहले तो इकबाल ने अपने आप को छिपाने की कोशिश की पर बाद में वह कैमरे के सामने आया। लाइसेंस निरस्तीकरण के लिए लखनऊ डीएम को भेजेंगे रिपोर्ट एसपी अब्दुल हमीद ने बताया कि जिन असलहों से फायरिंग हुई थी उनके लाइसेंस इकबाल के साथ रहे लोगों के नाम है। एसपी ने कहा कि एक असलहा बरामद है। जबकि फरार दो आरोपियों को पकड़ने के बाद दूसरा असलहा बरामद कर दोनोें के लाइसेंस निरस्तीकरण के लिए डीएम लखनऊ को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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