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प्रसूता को अस्पताल से भगाया, गेट पर जना बच्चा

Fri, 19 May 2017 11:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
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प्रतीकात्मक चित्र: नवजात शिशु
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जिला महिला अस्पताल की संवेदनहीनता आज फिर उजागर हो गई। दर्द से कराहती प्रसूता को इलाज के बजाए लखनऊ जाने की बात कह कर भगा दिया। इसी दौरान तड़पती प्रसूता ने अस्पताल गेट पर ही बच्चे को जन्म दे दिया।
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अस्पताल प्रशासन के दुर्व्यवहार और इलाज में लापरवाही को लेकर परिवारीजनों ने हंगामा शुरू किया तो आननफानन में अपनी कमी छुपाने के लिए जच्चा और बच्चा को भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया।

यही नहीं प्रसूता को दो दिन पहले भी खून की कमी बताकर अस्पताल से लौटा दिया गया था। यह हालात जिला महिला अस्पताल के तब हैं जब जिले के प्रभारी मंत्री, जिलाधिकारी से लेकर विभागीय अधिकारियों द्वारा अस्पताल के निरीक्षण में सुधार के कड़े निर्देश दिए जा चुके हैं। 
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जैदपुर थाना क्षेत्र के ग्राम मौथरी निवासी लक्ष्मीदेवी (25) पत्नी अशोक कुमार का प्रसव का समय पूरा होने पर उसके पति ने उसे गुरुवार को जिला महिला अस्पताल में डॉक्टर ने उसकी सारी जांच कराई तो उसे खून की कमी बता कर लखनऊ के क्वीनमेरी अस्पताल रेफर किया था।

प्रसूूता के परिवारीजन यहीं प्रसव कराने की बात कहकर उसे लेकर घर चले गए। शुक्रवार की सुबह प्रसव पीड़ा होने पर उसे दोबारा अस्पताल लेकर परिवारीजन पहुुंच गए। ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने उसे बिना ऑपरेशन के बच्चा न होने की बात कही और स्टाफ के कर्मचारियों ने उसे गेट के बाहर भगा दिया।

प्रसूता को तेज दर्द होने पर वहां मौजूद मलूकपुर गांव की आशा बहु मीनादेवी, ककरहा की किरन, आवास विकास की निर्मला आदि ने महिलाओं की मदद से साड़ी का घेरा बनाकर सुरक्षित प्रसव कराया।

प्रसव की सूचना मिलते ही अस्पताल के स्टाफ ने प्रसूता को भर्ती करने की बात कही तो परिवारीजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। लोगों ने समझा बुझाकर जच्चा-बच्चा को भर्ती कराया।                          

नहीं मिला एंबुलेंस का लाभ                         
प्रसूूता को लखनऊ ले जाने के लिए उसके देवर धर्मदास ने 108 एंबुलेंस को फोन किया। ईएमटी ने रेफर करने वाले डॉक्टर से बात कराने को कहा। आरोप है कि चिकित्सक ने बात करने से मना कर दिया। इसी बीच प्रसूता को तेज दर्द  के साथ प्रसव हो गया।

प्रसूता की सास महाराजा का कहना है कि खून की कमी बताकर जबरदस्ती कर्मचारियों ने भगा दिया था। दो बच्चे पहले की नार्मल हो चुके हैं। प्रसूता के पति ने सीएमएस से मामले की शिकायत फोन से कर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है।       

अस्पताल के गेट पर प्रसव होने की सूचना उसके पति ने फोन पर दी है। मैं इस समय लखनऊ मीटिंग में हूं। अस्पताल पहुंचकर मामले की जांच की जाएगी। जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित हैं। उनको भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। -डॉ. आभा आशुतोष, सीएमएस महिला अस्पताल
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