भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा ने सूबे में बढ़ते अपराध और बाराबंकी में पुलिसकर्मियों द्वारा महिला को जलाकर मारने के मामले में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से नैतिकता के आधार पर इस्तीफा मांगा है। मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष विजया राहेटकर के कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को सुरक्षा देने में नाकाम है।
राहेटकर ने बुधवार को बाराबंकी जाकर जलाकर मारी गई महिला के परिवारीजनों से मुलाकात की। और उन्हें जल्द न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। तो राजधानी में उन्होंने राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष और पुलिस महानिदेशक से मुलाकात की। बाद में भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में मीडिया से बातचीत में कहा कि सपा राज में 7,482 महिलाओं की हत्या हो चुकी है। बलात्कार के 2005, महिलाओं से लूट के 4800 और उनके अपहरण के एक हजार मामले सामने आ चुके हैं।
महिला मोर्चा अध्यक्ष ने कहा कि बाराबंकी में दिनदहाड़े पुलिसकर्मी द्वारा महिला को जलाकर मार दिया जाता है और मुख्यमंत्री आंखें बंद किए हुए हैं। आधी आबादी के लिए अखिलेश सरकार के पास कार्ययोजना नहीं है। उन्होंने पूछा कि उम्मीदों की सरकार कहां है ? आरोपियों पुलिसकर्मियों को निलंबित तो कर दिया गया जबकि उनके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी होनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सुरक्षा देने में नाकाम मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को बाराबंकी समेत तमाम घटनाओं की जिम्मेदारी लेते हुए नैतिक आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए।
डीजीपी, महिला आयोग को दिया ज्ञापन
राहेटकर ने मोर्चा की राष्ट्रीय महामंत्री कमलावती सिंह और सचिव पूजा कपिल के साथ डीजीपी कार्यालय जाकर ज्ञापन दिया। उन्होंने बाराबंकी की घटना में सबूतों से छेड़छाड़ किए जाने का आरोप लगाया। कहा, निष्पक्ष जांच के लिए महिला पुलिस अधिकारी को लगाया जाए। उन्होंने राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष को भी ज्ञापन देकर उचित कार्रवाई का आग्रह किया।
केंद्रीय गृहमंत्री से मिलेगा महिला मोर्चा
राहेटकर ने बताया कि महिला मोर्चा का एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली जाकर गृहमंत्री राजनाथ सिंह को पूरी घटना की जानकारी देगा और उनसे दखल का आग्रह करेगा। साथ ही राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष से मिलकर बाराबंकी की घटना की जांच कराने लिए टीम भेजने का आग्रह किया जाएगा।