रिपोर्ट न दर्ज होने पर जहांगीराबाद थाने के सामने एक युवक ने जहर खा लिया। ग्रामीणों ने युवक को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। अस्पताल में युवक ने कहा कि पुलिस उसकी रिपोर्ट नहीं दर्ज कर रही, जिसके बाद उसने जहर खा लिया।
पुलिस का कहना है कि इसके मामले में पहले ही समझौता हो चुका है। पुलिस पर आरोप गलत है। थाना जहांगीराबाद क्षेत्र के मेढ़ियाफार्म गांव निवासी पंकज वर्मा (28) की तबियत शनिवार शाम अचानक जहांगीराबाद थाने के सामने बिगड़ गई।
परिवारीजनों व ग्रामीणों ने युवक को जिला अस्पताल पहुंचाया। जिला अस्पताल के डॉ. राघ्वेंद्र का कहना है कि पंकज खतरे बाहर है। हल्का सा विषाक्त पदार्थ का असर था, जो ज्यादा शराब पीने से भी हो सकता है। वह नशे में भी लग रहा था।
पंकज ने अस्पताल में बताया कि 14 सितंबर को उनके साथ कुछ लोगों ने मारपीट कर 22 सौ रुपये व मोबाइल छीन लिए थे। इस मामले में पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही थी।
इस मामले में एसओ जहांगीराबाद वकील सिंह यादव का कहना है कि 14 सितंबर को पंकज की गाड़ी से दबकर एक ग्रामीण की बछिया की मौत हो गई थी। जिसके बाद ग्रामीणों ने उसको महुआमऊ के पास दौड़ा कर पकड़ा।
हाथापाई में इसका पैसा और मोबाइल गिर गया था। ग्रामीण भी बछिया का मुआवजा दिलाने के लिए थाने आया था। जिसके बाद दोनों पक्षों को बुलाकर समाझौता करा दिया गया था।
इस मामले में पुलिस अधीक्षक राजूबाबू सिंह का कहना हे कि पंकज शनिवार को थाने आया ही नहीं। ग्राम प्रधान राजकुमार का कहना है कि एक होमगार्ड में मुझे इसके बेहोशी के हालत में सड़क पर पड़ा होने की सूचना दी, जिसके बाद से अस्पताल में भर्ती कराया गया।