फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोमती में मिला व्यापारी का शव, हत्या की आशंका

Sun, 08 Jan 2017 11:33 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
विज्ञापन
देवेन्द्र वैश्य (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
तीन दिन पहले लापता हुए किराना व्यापरी का शव औसानेश्वर घाट के समीप गोमती नदी में पाया गया है। व्यापारी की हत्या कर शव फेंके की आशंका जताई जा रही है। हालांकि मृतक के परिवारीजनों ने किसी के खिलाफ कोई शिकायत नहीं किया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्ट मार्टम के लिए भेज जांच पड़ताल शुरू किया है। 
विज्ञापन


रविवार को हैदरगढ़ कस्बे के सब्जी मंडी वार्ड निवासी किराना व्यापारी देवेंद्र कुमार वैश्य (40) पुत्र जंगली का शव कोतवाली क्षेत्र के औसानेश्वर घाट के समीप गोमती नदी की जलकुंभी में फंसा पाया गया है। मृतक के भाई महेंद्र व बाबूलाल वैश्य ने बताया बीती पांच जनवरी की दोपहर दुकान से कहीं गए थे।

मृतक की पत्नी सविता बच्चों के साथ एक दिन पहले सुबेहा स्थित रिश्तेदारी में गई थी। परिवारीजनों ने पत्नी को लाने के लिए सुबेहा जाने की आशंका में इस ओर ध्यान नहीं दिया था। लेकिन अगली सुबह तक नहीं लौटने पर फोन करने पर सुबेहा तक नहीं पहुंचने की जानकारी मिलने पर रिश्तेदरी में तलाश कर रहे थे।
विज्ञापन


रविवार को कस्बा से मंदिर दर्शन करने गए शिव अग्रवाल ने औसानेश्वर घाट पर रखे कपड़े व चप्पल को देख कर आशंका के आधार पर परिवारीजनों को सूचना दी थी। कपड़ों की पहचान होने पर परिवारीजनों ने कस्बावासियों व स्थानीय लोगाें की सहायता से नदी की जलकुंभी में फंसे शव को बाहर निकला। कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।

मौत का कारण स्पष्ट नहीं होने से घटना संदिग्ध होने की चर्चा है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक एसपी सिंह ने कहा कि परिवारीजनाें ने भी घटना को लेकर किसी प्रकार की आशंका नहीं जताई है पुलिस मामले की जांच कर कर रही है। 

बाक्स-
संदेह के घेरे में किराना व्यापारी की मौत का मामला
बृहस्पतिवार की दोपहर को दुकान से निकले किराना व्यापारी का शव तीन दिन बाद गोमती नदी में अचानक से दिखाई देना घटना को लेकर संदेह प्रकट कर रहा है। मार्ग पर अधिक साधन नहीं होने से कस्बे से सात किलोमीटर दूर घाट तक वह किस साधन से किसके साथ गया। तथा कड़ाके की ठंड में दोपहर बाद गोमती में डुबकी लगाने की बात कस्बावासियों के गले से नहीं उतर रही है। घाट पर तीन दिन से रखे कपड़े व शव को रोज जाने वालो ने पहले कभी देखा हो इसकी भी जानकारी पुलिस के पास नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें