प्रदेश पुलिस मुखिया के लाख दावों के बावजूद पुलिस का रवैया नहीं बदल रहा है। हाल यह है कि छोटे छोटे मामलों में भी जिले के थानों की पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने में आनाकानी करती है। थाना व कोतवाली पर तहरीर लिखवाने के लिए फरियादियों को घंटों बैठाया जाता है। जिले में किसी भी थाने में यदि आप अपनी शिकायत लेकर पहुंचे तो वहां पुलिस मामले में कार्रवाई करने की बजाए उल्टा आपको दूसरा प्रार्थना पत्र या तहरीर लेकर आने की नसीहत देने लगेगी। थानों पर आम लोगों की सुनवाई करने वाला कोई नहीं है। अमर उजाला ने बृहस्पतिवार को जिले के कुछ थानों में शिकायतों की सुनवाई की पड़ताल की तो कुछ यह हकीकत सामने आई।
केस एक-
चोरी की नहीं खोने का प्रार्थना पत्र लाओ
अमर उजाला का एक रिर्पोटर बृहस्पतिवार को दिन में करीब 11 बजे अपनी पर्स चोरी होने की शिकायत लेकर शहर कोतवाली पहुंचा। जिस समय रिर्पोटर कोतवाली पहुंचा वहां पर कई दरोगा व सिपाही बैठे थे। पहले तो किसी भी पुलिस कर्मी ने पीड़ित की ओर ध्यान नहीं दिया लेकिन कुछ देर बाद एक दरोगा जी ने प्रार्थना पत्र देखा और एक सिपाही को पकड़ाते हुए कहा कि इस मामले को देख लो। अब सिपाही ने रिर्पोटर को समझाना शुरू किया और कहा कि आप जो प्रार्थना पत्र लेकर आए हो यह गलत है। कहा पर्स खोने की तहरीर लेकर आओ उस पर कोतवाली की मुहर मारकर दे देंगे इसके अलावा और कोई कार्रवाई पुलिस नहीं कर पाएगी।
केस दो-
तहसील से एफीडेविड बनवाओ तब होगी कार्रवाई
फतेहपुर कोतवाली में बृहस्पतिवार को करीब 11.30 बजे एक युवक अपना मोबाइल खोने के मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचा था। यहां पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने पहले तो बहुत देर तक युवक की सुनवाई ही नही की। इसके बाद वहां मौजूद दरोगा जी ने एक सिपाही की ओर इशारा करते हुए कहा कि इसकी समस्या सुना। सिपाही को जब युवक ने बताया कि उसका मोबाइल खो गया है और उसे इसकी रिपोर्ट लिखानी है तो सिपाही ने कहा कि कौन जानता है कि आपका मोबाइल फोन खो गया है। कहा पहले इसका एफिडेविड बनवाकर लाओ कचहरी से उसके बाद ही इस मामले में पुलिस कुछ कर सकेगी। ऐसे में कुछ देर कोतवाली मेें रूकने के बाद युवक वापस घर लौट आया।
केस तीन-
पर्स लूट की घटना हो ही नहीं सकती
लोनीकटरा थाने में बृहस्पतिवार को दिन में करीब 12.20 बजे एक युवक अपनी पर्स लूट लेने की शिकायत लेकर गया था। वहां मिले पुलिस कर्मियों ने युवक से कहा कि यह मामला ही फर्जी है कहा पर्स लूट की घटना हो ही नहीं सकती। इसके बाद युवक का प्रार्थना पत्र लेने के बाद उससे कहा गया कि त्रिवेदीगंज चले जाओ वहां सिपाही मिलेंगे जो आपकी मदद करेंगे। युवक जब त्रिवेदीगंज गया तो वहां उसे कोई नहंी मिला। ऐसे में यह साफ है कि थाने में लोगों की समस्याओं का निपटारा किस तरह से किया जाता है।
जिले के सभी थानों में अपनी शिकायत लेकर जाने वाले हर व्यक्ति के मामले में पुलिस द्वारा उचित कार्रवाई की जाती है। थानों में पहुंचने वाले पीड़ित को न्याय मिले इसके लिए हर संभव प्रयास किया जाता है। लोगों की सुनवाई मेें यदि किसी पुलिस कर्मी की लापरवाही मिलती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होती है।
अब्दुल हमीद, एसपी