जिला सहकारी बैंक में दस दिन पहले हुए डकैती के प्रयास और दो पीआरडी जवानों की हत्या का मुख्य सूत्रधार बैंक का ही जेनरेटर ऑपरेटर है। यह खुलासा शुक्रवार को आईजी लखनऊ जोन ने पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद किया है।
आरोपियों के पास से पुलिस ने ड्यूटी पर रहे सुरक्षा गार्ड से लूटा गया मोबाइल फोन, सीसीटीवी के दो डीबीआर मय एडॉप्टर, एक खुखरी, एक बेल्चा, पांच मोबाइल, दो बाइक और खून से सने कपड़े बरामद किए हैं। एक आरोपी फरार है।
पुलिस महानिरीक्षक लखनऊ जोन सतीश गणेश ने शुक्रवार को पुलिस लाइन में वारदात का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि डकैती के प्रयास में कलीम कुरैशी पुत्र मुन्ना मिस्त्री निवासी कसाई टोला कस्बा मसौली, शिवा कपरिया पुत्र ताराचंद्र निवासी कपरियन पुरवा मजरे धरौली थाना मसौली, सरवर फकीर पुत्र अली हसन, बादशाह उर्फ बहाजुद्दीन निवासी बड़ागांव थाना मसौली व पंकज वर्मा पुत्र रामनरेश वर्मा निवासी दरहरा थाना जहांगीराबाद शामिल थे।
इनका एक साथी लोली उर्फ नाज मोहम्मद फरार है। वारदात का मुख्य सूत्रधार पंकज वर्मा है। वह बैंक में ही जनरेटर ऑपरेटर था जिसे बैंक ने आउट सोर्सिंग से यहां पर रखा था। वह इलेक्ट्रिक की भी पूरी जानकारी रखता था। जिससे उसका आना जाना बैंक के अंदर तक था।
बताया की इन बदमाशों को रामनगर तिराहा के पास से गिरफ्तार किया गया है। यह सभी मुंबई भागने की फिराक में थे। सुरक्षा गार्ड से लूटा गया मोबाइल फोन, सीसीटीवी के दो डीबीआर मय एडॉप्टर, एक खुखरी, एक बेल्चा, पांच मोबाइल, दो बाइक , पांच मोबाइल फोन और खून से सने कपड़े बरामद किए गए हैं। कहा कि अभी वारदात की तफ्तीश जारी है। इससे जुड़े हर पहलू की बारीकी से विवेचना की जाएगी।