बाराबंकी में मंगलवार को पुलिस लाइंस सभागार में पत्रकार वार्ता के दौरान आरोपी बाबा परमानंद के बारे में जानकारी देते एसपी अब्दुल हमीद।
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पुलिस से आंख मिचौली का खेल खेलने वाले अय्याश बाबा परमानंद आखिरकार सलाखों के पीछे पहुंच ही गया। बाबा लगातार 12 दिन तक पुलिस की आंखों में धूल झोंकता रहा। इस दौरान बाबा ने लखनऊ, गोरखपुर, कानपुर, चित्रकूट व सतना (मध्य प्रदेश) में शरण ली।
पुलिस सूत्रों की माने तो बाबा की तलाश में लगी पुलिस को उस समय बड़ी कामयाबी मिली जब बाबा को अपने कुछ खास लोगों से मोबाइल फोन पर बात करते हुए ट्रेस किया गया। बाबा के हर चाहने वालों पर नजर रख रही पुलिस ने जब सर्विलांस के जरिए इन नंबरों की पड़ताल की तो बात करने वाला बाबा परमानंद निकला।
पुलिस को करीब पांच दिन पहले बाबा के फोन पर बात करने की जानकारी हुई थी। इसके बाद पता लगा कि बाबा लखनऊ में है लेकिन पुलिस ने जब वहां दबिश दी तो बाबा भाग निकला था। इसके बाद पुलिस को बाबा की लोकेशन कानपुर, गोरखपुर में मिली।
यहां भी पुलिस टीम पहुंची लेकिन कामयाबी हाथ नहीं लग सकी। इस बीच रविवार को पता लगा कि बाबा चित्रकूट में है। पुलिस टीम जब सोमवार की सुबह चित्रकूट पहुंची तो जहां से बाबा की लोकेशन मिल रही थी, वहां बाबा नहीं मिला। इसके बाद पता लगा कि बाबा चित्रकूट से सटे सतना में एक धर्मशाला में छिपकर रह रहा है।
पुलिस ने वहां पर दबिश दी और बाबा और उसका चेला अरविंद पुलिस के हत्थे चढ़ गए। इस दौरान बाबा ने अपने दूरदराज के कई भक्तोें से भी संपर्क साधा हालांकि अंत में बाबा को पुलिस के चंगुल में फंसना ही पड़ गया।