गैर इरादतन हत्या के प्रयास के एक मामले में अपर सत्र न्यायाधीश ने एक आरोपी को 5 वर्ष की कैद व 6 हजार रुपये अर्थदंड भुगतने की सजा सुनाई है। वहीं दो अन्य आरोपियों को संदेह के लाभ में बरी कर दिया गया है।
विशेष लोक अभियोजक रमेश चंद्र ने बताया कि थाना रामनगर के ग्राम ओहई निवासी जगदीश प्रसाद की पत्नी शीला 30 दिसंबर 2010 कंडे पाथ रही थी। तभी गांव के ही रामप्रकाश चौकीदार ने कंडों पर बाइक चढ़ा दिया। शीला के मना करने पर रामप्रकाश गाली गलौज करते हुए डंडों से पिटाई करने लगा। शोर पर रामप्रकाश के भाई सूरजलाल व रामप्रकट ने भी शीला को पीटा। गांव से लोगों के आने पर आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए। आरोपियों की पिटाई से शीला के सिर व हाथ में गंभीर चोटें आई। घटना की रिपोर्ट जगदीश प्रसाद ने थाना रामनगर में दर्ज कराई थी।
चोटिल समेत गवाहों के बयान व दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश दयाराम ने आरोपी रामप्रकाश को गैरइरादतन हत्या का प्रयास, गाली गलौज, व जान से मारने की धमकी की धाराओं में दोषी पाते हुए 5 साल की कैद व छह हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं दो अन्य आरोपियों को संदेह के लाभ मेें दोषमुक्त करार दिया।