रसौली में सोमवार देर रात पोस्ता व्यापारी के गोदाम पर बदमाशों ने धावा बोल दिया। उन्होंने दो चौकीदारों को पीटकर घायल कर दिया। इसके बाद डकैत नगदी समेत करीब 25 लाख रुपये का सामान लूट ले गए। जानकारी पर पुलिस ने घेराबंदी की।
इस पर डकैत लखनऊ के बंथरा के पास हाईवे पर एक ट्रक छोड़कर भाग निकले। पुलिस ने मौके से एक मोबाइल फोन बरामद किया है, जिसमें राजस्थान का सिम कार्ड है। ट्रक पर भी राजस्थान का नंबर है। इससे आशंका है कि वारदात को राजस्थान के डकैतों ने अंजाम दिया है।
मंगलवार सुबह एसपी राजू बाबू सिंह ने भी मौके पर पहुंचकर जानकारी ली। मंगलवार शाम को गोदाम मालिक की तहरीर पर डकैतों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। थाना सफदरगंज क्षेत्र में रसौली गांव स्थित जैदपुर निवासी हाजी असगर की बंद पड़ी राइस मिल में अंबौर गांव निवासी व्यापारी अकील ने पोस्ता का गोदाम बना रखा है। यहां सोमवार रात दो चौकीदार अब्दुल अली व शमसुद्दीन तैनात थे।
देर रात करीब एक दर्जन बदमाशों ने दोनोें चौकीदारों की जमकर पिटाई करने के बाद उन्हें एक केबल से बांध दिया। इसके बाद बदमाश गोदाम में दो ट्रकें लेकर पहुंचे और पोस्ता दाना व छिलका ट्रकों में लोड करवाने लगे। इस बीच यहां पड़ोस के रहने वाले किसी व्यक्ति को गोदाम में खटपटाहट की आवाज सुनाई दी तो उसने इस बात की जानकारी गोदाम मालिक अकील को फोन पर दी।
कुछ देर बाद अकील साथियों के साथ कार से वहां पहुंचे तो देखा कि गोदाम से एक ट्रक निकल रहा है। अकील ने हवाई फायरिंग कर ट्रक लेकर भाग रहे बदमाशों को रोकने का प्रयास किया लेकिन बदमाश नहीं रुके और भाग निकले। फैजाबाद की ओर एक ट्रक से भाग रहे बदमाशों ने प्रतापगंज केे पास ट्रक को मोड़कर लखनऊ की ओर रुख कर लिया।
जानकारी पर पुलिस भी लुटेरों के पीछे लगी लेकिन कोई बदमाशों पकड़ में नहीं आया। व्यापारी ने पुलिस को बताया कि गोदाम मेें करीब 25 लाख रुपये कीमत का पोस्ता छिलका व दाना था, जो लूटा गया है। वहीं, करीब दो साल पहले भी रसौली स्थित पोस्ता गोदाम में लूटपाट की वारदात हुई थी। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद इसका खुलासा किया था।
उस वारदात में पश्चिम उत्तर प्रदेश के लुटेरे पकड़े गए थे। लेकिन जिस तरह से यह वारदात हुई है उससे पुलिस को शक है कि बदमाशों ने पहले यहां आसपास कई दिनों तक रैकी करने के बाद वारदात की है।
वारदात के बाद मंगलवार सुबह एसपी राजू बाबू सिंह, एएसपी शफीक अहमद, सीओ सदर तौकीर अहमद खान आदि ने मौके का जायजा लिया। एसपी ने वारदात के खुलासे के लिए क्राइम ब्रांच, सर्विलांस सेल समेत जैदपुर, सफदरगंज की पुलिस को लगाया है।
गोदाम मालिक अकील का कहना है कि इस वारदात के बाद उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम के 100 नंबर पर लगातार कई बार फोन किया लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने एसओ सफदरगंज को सूचना दी। इसके बाद पुलिस सक्रिय हुई लेकिन तब तक डकैत भाग निकले।
जानकारी के बाद सक्रिय हुई पुलिस ने ट्रक से भाग रहे बदमाशों की गई जगह घेराबंदी की। नगर कोतवाली के मोहम्मदपुर पुलिस चौकी के पास पुलिसकर्मी हाईवे पर असलहा तानकर खड़े हुए लेकिन इसके बाद भी बदमाशों ने ट्रक नहीं रोका।
ट्रक का लगातार पीछा कर रहे एसओ सफदरगंज अशोक कुमार इसकी लोकेशन के बारे में लगातर लखनऊ पुलिस को सूचना देते रहे। पीजीआई के पास ट्रक एक जगह डिवाइडर में फंस गया लेकिन उसके बाद भी बदमाश ट्रक लेकर निकल गए। जब बंथरा थाने के पास पुलिस ने हाईवे पर सामने कई ट्रक खड़े करवा दिए तो लुटेरे वहां पर ट्रक छोड़कर बड़ी आसानी से भाग निकले।
जिस गोदाम मेें अफीम से निकलने वाला पोस्ता व उसका दाना रखा था, उसके व्यापारी अकील का लाइसेंस बीते 31 मार्च को समाप्त हो चुका था। अब ऐसे में यह चर्चा का विषय है कि यहां पर आबकारी व संबंधित विभाग की मिलीभगत से व्यापारी अवैध रूप से कारोबार कर रहा था।
वहीं, आबकारी विभाग का कहना है कि लाइसेंस समाप्त होने के बाद पोस्ता गोदाम को सील कर दिया गया था। लेकिन गोदाम मेें लगे तालों में एक भी जगह सील न लगी होने से यह बात साफ है कि आबकारी विभाग व व्यापारी के बीच सांठगांठ से काम हो रहा था। मंगलवार को यहां पहुंचे आबकारी निरीक्षक राजनाथ यादव, हरिकेश शुक्ला आदि ने भी जांच पड़ताल की।