खुले आसमान के नीचे रखा गया गेहूं
पांच गोदामों में 74 हजार एमटी गेहूं का हो चुका भंडारण, बारिश से बचाने के लिए बरसाती से ढका गेहूं
अमर उजाला ब्यूरो
बाराबंकी। जिले में खरीद से ज्यादा गोदामों में भंडारण की क्षमता होने के बावजूद एक दो स्थानों पर लापरवाही के चलते खुले स्थान पर गेहूं रखा पाया गया है। हरख क्षेत्र के एक क्रय केंद्र पर खुले आसमान में गेहूं रखा हुआ है। मौसम और बारिश आने के बाद बारिश से बचाव के लिए दो दिन पहले उस पर पॉलीथिन डाल दी गई है। यह हालात तब हैं जब जिले में 1 लाख 30 हजार एमटी भंडारण की क्षमता वाले गोदाम मौजूद हैं। केंद्र और विभाग की लापरवाही का आलम यह है कि उच्चाधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं है।
जिले में गेहूं के भंडारण की पर्याप्त मात्रा में क्षमता होने की बात कही जा रही है इसके बाद हरख में खुले सरकारी क्रय केंद्र पर गेहूं खुले आसमान के नीचे रखा गया। लापरवाही का आलम यह है कि खरीद बंद हुए भले ही एक सप्ताह हो गया हो लेकिन इस गेहूं को गोदाम तक पहुंचाने की जहमत तक नहीं उठाई जा रही है। जबकि अधिकारी इसकी जानकारी से ही इंकार कर रहे है। जिले में गेहूं का भंडारण करने के लिए एफसीआई के दो गोदाम जिनकी भंडारण क्षमता 72 हजार एमटी है। इसके अलावा राज्य भंडारण निगम के तीन गोदाम हैं इनमें एक कुर्सी में जिसकी भंडारण क्षमता 25 हजार एमटी, हैदरगढ़ जिसकी भंडारण क्षमता 28 हजार एमटी और सफदरगंज जिसकी भंडारण क्षमता 5 हजार एमटी इस प्रकार इन गोदामों की भंडारण की क्षमता 1 लाख 30 हजार एमटी के आसपास है। इस बार राज्य सरकार के आदेश पर खरीद में लगी विपणन शाखा समेत सभी नौ एजेंसियों ने करीब 77 हजार एमटी गेहूं की खरीद किसानों से की। दावा किया जा रहा है कि करीब 74 हजार एमटी गेहूं अब तक एफसीआई के गोदामों में भंडारित करा दिया गया है। क्रय केंद्रों पर जो गेहूं अवशेष बच गया है उसकी उठान कराकर भंडारण कराए जाने की प्रक्रिया चल रही है। गेहूं खरीद के दौरान गेहूं का भीगने से बचाने के लिए प्रशासन दौरान पर्याप्त इंतजाम किए जाने का दावा किया जा रहा है।
बाक्स
जिले में गेहूं और चावल का भंडारण कराने के लिए पांच गोदाम हैं जिनकी भंडारण क्षमता 1 लाख 30 हजार एमटी के आसपास है। पिछले दो साल से गेहूं का भंडारण खुले में नहीं किया जा रहा है क्योंकि उच्चाधिकारियों के इसके लिए सख्त निर्देश है। इसके अलावा पंजाब और हरियाणा से जो रैक गेहूं लेकर आती थी उसी गेहूं का भंडारण खुले में किया जाता था लेकिन अब पहले जितनी रैक नहीं आती हैं। जिससे अब गेहूं का भंडारण खुले में नहीं किया जाता है।
-कुलदीप सिंह, डिपो मैनेजर एफसीआई
हरख क्रय केंद्र पर गेहूं खुले में लगा है इसकी जानकारी नहीं है यदि ऐसा है तो क्रय केंद्र प्रभारी से जवाब तलब करते हुए गेहूं एफसीआई गोदाम को भेजा जाएगा। इस बार निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष करीब 77 हजार एमटी गेहूं की खरीद सरकारी क्रय केंद्रों के माध्यम से की गई है। इनमें से 74 हजार एमटी गेहूं का भंडारण एफसीआई के गोदामों में करा दिया गया है। दावा किया कि किसी भी क्रय केंद्र पर खुले में गेहूं नहीं लगा है। खरीद के दौरान गेहूं को भीगने से बचाने के पर्याप्त इंतजाम किए गए थे।
-प्रभाकांत द्विवेदी, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी