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सिजेंटा कंपनी की दवा से 18 बीघा आलू बर्बाद

Thu, 03 Nov 2016 11:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
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18 बीघा आलू की फसल बर्बाद - फोटो : अमर उजाला
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प्रतिबंधित कंपनी सिजेंटा के कीटनाशक के इस्तेमाल से दो किसानों की 18 बीघा आलू की फसल सड़ गई। किसानों ने आलू बीज संशोधित करने के लिए सिजेंटा कंपनी का कीटनाशक इस्तेमाल किया था। बोआई के एक सप्ताह बाद किसानों के खेत में नाली काटने के दौरान निकले बीज सड़े होने पर मामले की जानकारी हुई।
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किसान ने कंपनी के डिस्ट्रिक इंचार्ज को बुलाकर खेत में सड़े बीच को दिखाया तो दोनों के होश उड़ गए। दोनों किसान की मदद करने का आश्वासन देकर चले गए। इस कंपनी के टमाटर के नकली बीज इस्तेमाल के कारण पिछले साल इस कंपनी को जिले में प्रतिबंधित कर दिया गया था। लेकिन कृषि विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत के कारण ये कंपनी जिले में धड़ल्ले से अपने कीटनाशक और बीज किसानों को बेच रही है। 

विकास खंड देवा के ग्राम लोंहजर निवासी किसान अनंतराम पुत्र शीतल प्रसाद ने अपने 12 बीघा खेत में 60 बोरी आलू का बीज बोया था। किसान का कहना है कि उसके क्षेत्र में सिजेंटा कंपनी के क्षेत्रीय सेल्स मैनेजर रिंकू निवासी मदनपुर कोतवाली फतेहपुर ने बीज को शोधित करने के लिए सिजेंटा कंपनी के आमिस्टार रसायन का प्रयोग करने के लिए कहा।
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रिंकू की बताई दवाई व मात्रा के अनुसार किसान ने इसका प्रयोग किया। वहीं जवाहिरपुर निवासी किसान श्रवण कुमार ने भी रिंकू के कहने पर ही 6 बीघा में पड़ने वाली 30 बोरी आलू पर इसी रसायन का छिड़काव किया था।

दोनों किसानों ने एक सप्ताह पूर्व आलू की बोआई की थी। बोआई के बाद खेत में नाली बनाने के दौरान खेत में आलू के सड़े बीज निकलने लगे। दोनों ने पहले क्षेत्रीय सेल्समैन रिंकू को बहाने से खेत बुलाया, उसके बाद पूरी बाद आलू का बीज खोद कर दिखाया। खेत में आलू का बीज सड़ने का मामला रिंकू की समझ में नहीं आया तो उसने कंपनी के डिस्ट्रिक इंचार्ज धर्मेंद्र कुमार को बुलाया।  

सिजेंटा कंपनी के दोनों कर्मचारियों ने पूरे खेत का निरीक्षण किया तो पूरे खेत के आलू सड़े निकले। धर्मेंद्र ने कहा कि कंपनी की ओर से किसानों को मदद दिलाई जाएगी। धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि जिन दो किसानों का आलू का बीज सड़ा हुआ है उसका कारण शोधित दवाई नहीं है। आलू का बीज गीला होने, खेत में नमी ज्यादा होने व अन्य कारणों से बीज खराब हुआ है। 

राजापुर स्थित दुकान से खरीदी थी दवाई
किसान अनंतराम व श्रवण कुमार ने बताया कि दोनों को बीज शोधित करने वाला रसायन सेल्स मैनेजर रिंकू ने देवा क्षेत्र के राजापुर स्थित रामविलास यादव की दुकान से खरीदवाया था। रिंकू ने किसानों को 25 बोरी पर 300 एमएल आमिस्टार का प्रयोग करने के लिए बताया था। जिसमें श्रवण ने 6 बीघा में पड़ने वाली 30 बोरी पर एक शीशी का छिड़काव व अनंतराम ने 12 बीघा में 60 बोरी बीज पर दो शीशी का प्रयोग किया था। किसानों का कहना है कि डोज हलका करने पर यह हाल है तो अगर बताए गए अनुपात का प्रयोग किया जाता तो क्या होता। 

जिस कंपनी को प्रतिबंधित कर दिया गया है। वह जिले में कैसे आपरेट कर रही है। मामले की पूरी जांच होगी। दोषी कंपनी और अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। अजय यादव, जिलाधिकारी
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