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अवैध शराब पर फूटा आक्रोश, ग्रामीणों ने शराब बनाने के सैकड़ों डिब्बा और लहन किया नष्ट

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अवैध शराब के खिलाफ फूटा आक्रोश
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बाराबंकी। रानीगंज में सरकारी ठेके से खरीद गई जहरीली शराब पीने से हुई 22 लोगों की मौतों ने आम लोगों को झकझोर दिया है। लोगों का आक्रोश सामने आने लगा है। कजियापुर में हुईं मौतों के बाद महिलाओं का गुस्सा पड़ोस के चाइनपुरवा में अवैध शराब बनाने वालों के घर पर टूट पड़ा। भीड़ ने शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले तमाम डिब्बे, लहन व बीस लीटर कच्ची शराब बरामद की। चौकी इंचार्ज के समझाने पर लोग शांत हुए। उधर कई किसान संगठनों ने भी अवैध शराब के कारोबारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

रामनगर क्षेत्र के कजियापुर गांव में चेतराम व रामस्वरुप की भी मौत जहरीली शराब से होने के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है। कई लोगों का इलाज भी चल रहा है। इस मामले में गुरुवार को ग्रामीणों का आक्रोश भड़क गया। कजियापुर के लोगों के साथ महिलाओं ने चाइनपुरवा में अवैध शराब बनाने वालों के घरों पर धावा बोल दिया। आक्रोशित भीड़ के तेवर तेवर देख वहां के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस के पहुंचने तक भीड़ ने कई घरों और भगहर झील के किनारे तमाम खाली डिब्बों में छुपाए गए लहन को निकालकर नष्ट कर दिया। मौके पर पहुंचे चौकी इंचार्ज महादेवा अभिमन्यु शुक्ला ने मौके से 20 लीटर कच्ची शराब बरामद की। प्रदर्शन में शामिल चंदर, रंजीत, रक्षाराम, छेदी, अमरीश, शंभु, प्रकाश, किशोर, बाबू, ननकू, नन्हे आदि ने कहा कि अब शराब माफियों के खिलाफ हर घर से आंदोलन शुरू होगा।
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मौत का कारोबार होगा बंद
कजियापुर निवासी रोहित का कहना है कि शराब के नाम पर मौत परोसने का करोबार पर पूरी तरह से रोक लगानी चाहिए। ऐसी कार्रवाई के लिए ग्रामीण अब प्रशासन का इंतजार नहीं करेगें। जिस प्रकार चाइनपुरवा के अवैध शराब के कारोबार को लेकर मोर्चा खोला गया, उसी तरह अन्य गांवों में भी लोग आगे आएंगे।

अब नहीं चलने देंगे यह धंधा
ग्रामीण संदीप ने बताया कि गांव में काफी समय कच्ची शराब बनाने का धंधा चल रहा था। यहां पर लोग कच्ची शराब पीने वाले आते थे और रानीगंज के ठेके को भी यहां से शराब की सप्लाई होती थी। अब यह कारोबार नहीं चलने दिया जाएगा।

ठेकेदार करते हैं मिलावट
ग्रामीण राजेश का कहना है कि गांवों में बनने वाली अवैध शराब ठेकों पर बेची जाती है। शराब ठेकेदार उसमें नशीली दवाएं व अन्य रसायन मिलाकर उसका तेज बढ़ा देते हैं। उसके बाद सील बंद शीशी में ग्रामीणों को बेचते हैं जिससे इतने लोगों की मौत हुई।
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पुलिस ने नहीं दिया ध्यान
कजियापुर के ननकू का कहना है कि गांव में अवैध शराब बनाने का धंधा काफी समय से चल रहा था। कई बार इसका विरोध किया गया। पुलिस-प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया। अब क्षेत्र के तपेसिपाह, धौखरिया, रतन जैतपुर डिपोपुरवा, बरातीपुरवा, मुलायम पुरवा व जमुनापुरवा व तराई के अन्य गांवों में अवैध शराब का विरोध होगा।
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