मुआवजे की रकम हड़पने के आरोपी लिपिक को दबोचा
बाराबंकी। जिला कलेक्ट्रेट के भूमि अध्याप्ति कार्यालय से कई महत्वपूर्ण 150 फाइलें गायब करने वाले लिपिक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। बताते चलें कि जिले में पूर्वांचल एक्सप्रेस वे, आउटर रिंग रोड, बाराबंकी-बहराइच हाइवे के निर्माण के लिए भूमि अध्याप्ति कार्यालय से किसानों की भूमि का अधिग्रहण कर मुआवजा देने का कार्य लंबे समय से चल रहा है।
काफी समय बाद वास्तविक महिला किसान शांती देवी को मुआवजा नहीं मिला और उसने छानबीन की तो इसका खुलासा हुआ था। इसके बाद संविदा कंप्यूटर ऑपरेटर अनूप पाण्डेय व बैंक के बीसी तथा सुमिरता देवी के नाम मुकदमा दर्ज हुआ। इसके बाद दोनों संविदा कर्मियों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा। पांच माह बाद यहां तैनात लिपिक पंकज अरोड़ा को दोषी पाते हुए निलंबित कर शिकायत पटल से संबद्व किया गया। मगर, कार्रवाई के बाद न ही लिपिक ने अपना चार्ज दिया और न ही सम्बद्व किए गए पटल पर ज्वाइनिंग दी। उलटे कार्यालय से पूर्वांचल एक्सप्रेस (यूपीडा) की मूल फाइल, एनएचए के कम्प्यूटर आपरेटर की ग्रांट की फाइल व कार्यविभाजन पत्रावली आदि लेकर निकल गया।
काफी समय तक चार्ज न देने पर मजिस्ट्रेट की निगरानी में जब अलमारी का ताला तोड़ा गया तो यह महत्वपूर्ण फाइलें गायब मिलीं। इसकी रिपोर्ट मिलने पर डीएम उदयभानु त्रिपाठी के आदेश पर विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी ने 13 मई को लिपिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है। शहर कोतवाल धर्मेंद्र सिंह रघुवंशी ने बताया कि बुधवार की रात आरोपी लिपिक को सफेदाबाद के पास से गिरफ्तार कर उसके पास से करीब 150 सरकारी फाइलें व एक कार बरामद की गई है। पुलिस ने आरोपी को बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेश किया जहां से उसे जेल भेजा गया है।